Air India CEO: Tewolde Gebremariam के सामने बड़ी चुनौती, कंपनी को हुआ **₹22,238 करोड़** का घाटा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Air India CEO: Tewolde Gebremariam के सामने बड़ी चुनौती, कंपनी को हुआ **₹22,238 करोड़** का घाटा

Air India के नए CEO Tewolde Gebremariam ने कमान संभालते ही मुश्किल चुनौतियों का सामना करना शुरू कर दिया है। कंपनी पर **₹22,238 करोड़** का भारी-भरकम सालाना घाटा है और ऑपरेशन्स में भी कई खामियां दिख रही हैं। एयरलाइन को अब **$1.5 बिलियन** की नई फंडिंग की दरकार है, जबकि Singapore Airlines भी निवेश को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

भारी घाटे से उबरने की कोशिश

टाटा संस (Tata Sons) के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के नए CEO Tewolde Gebremariam के सामने जिम्मेदारी बड़ी है। मार्च तक समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹22,238 करोड़ का जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी अब अपनी विस्तार योजनाओं और फ्लीट (fleet) विस्तार के लिए $1.5 बिलियन जुटाने में लगी है। इसमें से टाटा संस ने $1.1 बिलियन पहले ही डाल दिए हैं, लेकिन पार्टनर Singapore Airlines अभी और पारदर्शिता की मांग कर रही है।

ऑपरेशन्स और मर्जर पर फोकस

एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए एयर इंडिया अब Air India Express को पूरी तरह से पैरेंट कंपनी में मर्ज करने की योजना बना रही है। इस कवायद का मकसद मैनेजमेंट की लेयर्स को कम करना और प्रशासनिक कामकाज को आसान बनाना है। हालांकि, इस पूरे बदलाव के दौरान सर्विस की क्वालिटी को मेंटेन रखना मैनेजमेंट के लिए बड़ी परीक्षा होगी।

सेफ्टी पर DGCA की नजर

वित्तीय मोर्चे के अलावा, एयर इंडिया को अपनी सेफ्टी और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल में सुधार करने की भी सख्त जरूरत है। पिछले कुछ समय में पायलटों के बर्ताव और सिक्योरिटी ब्रीच जैसी घटनाओं ने DGCA का ध्यान खींचा है। अब मैनेजमेंट नए सिरे से मेंटेनेंस प्रोटोकॉल और सेफ्टी कल्चर की समीक्षा कर रहा है। आने वाले क्वार्टर्स में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि एयरलाइन अपनी एक्सपेंशन की रफ्तार और इंटरनल डिसिप्लिन के बीच संतुलन कैसे बिठा पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.