Adani Group ने 2033 तक अपना सालाना कैपिटल स्पेंडिंग (Capex) बढ़ाकर **$100 बिलियन** करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। हालांकि, मार्केट में गिरावट के चलते Adani Enterprises और Adani Green Energy के शेयरों में **7% से 9%** तक की भारी कमजोरी दिखी है।
भारी निवेश की तैयारी
Adani Group के CFO जुगेशिंदर सिंह ने आने वाले सालों के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य 2033 तक सालाना $100 बिलियन का निवेश करना है, ताकि ग्रीन हाइड्रोजन, एयरपोर्ट्स और पावर जैसे सेक्टर्स में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जा सके। यह इन्वेस्टमेंट साइकिल 2035 तक जारी रहने की उम्मीद है।
फंड की प्लानिंग और मजबूती
ग्रुप का जोर 'फाइनेंशियल सेल्फ-सफिशिएंसी' यानी आत्मनिर्भरता पर है। मैनेजमेंट का कहना है कि भविष्य के 72% कैपिटल स्पेंडिंग को कंपनी अपने इंटरनल कैश फ्लो से पूरा करेगी, जिससे बाहरी कर्ज पर निर्भरता कम होगी। रेटिंग एजेंसी CARE ने भी Adani Enterprises की रेटिंग को 'AA (Stable)' तक अपग्रेड किया है, जो बैलेंस शीट के लिए एक अच्छा संकेत है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने करीब ₹1.53 लाख करोड़ का निवेश किया था।
मार्केट का मूड और रिस्क
भले ही लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत दिख रहा हो, लेकिन 8 अक्टूबर 2026 को बाजार के खराब सेंटिमेंट्स ने शेयरों पर दबाव डाल दिया। निवेशकों के बीच अभी भी इस बात को लेकर चिंता है कि इतनी बड़ी पूंजी जुटाने में कहीं डेट का दबाव या शेयर डाइल्यूशन (Share Dilution) न हो जाए। आने वाले समय में बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनी इन मेगा प्रोजेक्ट्स को बिना किसी बड़े वित्तीय जोखिम के कैसे पूरा करती है।
