आबू धाबी स्थित इन्वेस्टमेंट फर्म Lunate, जो **$125 बिलियन** के एसेट्स मैनेज करती है, ने भारत को अपनी लॉन्ग-टर्म निवेश रणनीति का केंद्र माना है। हालांकि, कंपनी ने चेताया है कि भारतीय बाजार में अभी वैल्यूएशन काफी ऊंचे हैं, इसलिए निवेशकों को अब चुनिंदा शेयर्स पर फोकस करना होगा।
भारत की कहानी है सबसे अलग
आबू धाबी की दिग्गज इन्वेस्टमेंट फर्म Lunate ने भारत को एक ऐसी इकॉनमी के तौर पर देखा है जो ग्लोबल उतार-चढ़ाव से काफी हद तक सुरक्षित है। फर्म का मानना है कि भारतीय बाजार की मजबूती इसके घरेलू आर्थिक विकास (Domestic Demand) में है, जो अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले इसे बेहतर बनाती है।
महंगी वैल्यूएशन की चुनौती
Lunate के मुताबिक, भारतीय शेयर अभी अपनी पीक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। यहां 'प्राइस-टू-अर्निंग' (P/E) रेशियो दुनिया के कई देशों से ज्यादा है। इसका सीधा मतलब है कि आपको एक रुपये के मुनाफे के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। फर्म ने साफ कर दिया है कि अगर आपको लॉन्ग-टर्म में अच्छा रिटर्न चाहिए, तो आपको अब बेहद अनुशासित (Disciplined) रहने की जरूरत है।
अब 'बॉटम-अप' स्ट्रैटेजी पर जोर
पुराने समय की तरह अब पूरे मार्केट या इंडेक्स में आँख बंद करके पैसा लगाने का दौर नहीं है। Lunate अब 'बॉटम-अप' (Bottom-up) अप्रोच अपना रही है, यानी उन चुनिंदा कंपनियों को चुनना जिनके पास मजबूत बिजनेस एडवांटेज हैं। कंपनी ने पहले से ही National Stock Exchange, ICICI Prudential Asset Management और Aadhar Housing Finance जैसी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बनाई हुई है। साथ ही, वे Evren जैसे क्लाइमेट-फोकस्ड प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहे हैं।
आगे क्या है रिस्क?
नॉर्थ एशियन मार्केट्स की तुलना में भारत स्थिर जरूर है, लेकिन हाई वैल्यूएशन के कारण यहां गलती की गुंजाइश कम है। अगर भविष्य में कॉर्पोरेट मुनाफे की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो शेयर की कीमतों पर दबाव आ सकता है। ल्यूनेट की सलाह है कि निवेशक सिर्फ ब्रॉड मार्केट ट्रेंड्स के भरोसे न रहें, बल्कि उन कंपनियों पर नजर रखें जो ऊंचे एंट्री कॉस्ट के बावजूद अपना प्रॉफिट मार्जिन मेंटेन रख सकती हैं।
