AI Market Rally Risks: क्या AI स्टॉक्स में आ गया है 2008 जैसा बुलबुला? एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

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AuthorNeha Patil|Published at:
AI Market Rally Risks: क्या AI स्टॉक्स में आ गया है 2008 जैसा बुलबुला? एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

भारतीय निवेशक तेजी से US AI स्टॉक्स में पैसा लगा रहे हैं, लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि ऊंचे वैल्यूएशन और 'सर्कुलर फंडिंग' पुराने मार्केट क्रैश जैसे संकेत दे रहे हैं। सवाल यह है कि क्या यह डिमांड टिकाऊ है?

AI के प्रति बढ़ते दीवानेपन के चलते निवेश का रुख पूरी तरह बदल गया है। जून 2026 में भारतीय निवेशकों ने विदेशों में रिकॉर्ड $457 मिलियन भेजे हैं, जिसका बड़ा हिस्सा US टेक्नोलॉजी कंपनियों में लगा है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स इस तेजी को लेकर सतर्क हैं और इसे पिछली आर्थिक मंदी से पहले के हालात से जोड़कर देख रहे हैं।

सर्कुलर फाइनेंसिंग की चिंता (Circular Financing Concern)

एनालिस्ट्स की सबसे बड़ी चिंता 'सर्कुलर फाइनेंसिंग' है। इसमें बड़ी टेक कंपनियां और चिप मैन्युफैक्चरर्स AI लैब्स को भारी फंडिंग देते हैं। इसके बदले, ये लैब्स उसी पैसे से उन्हीं कंपनियों से हार्डवेयर और क्लाउड सर्विसेज खरीदती हैं। यह एक ऐसा चक्र है जो सवाल उठाता है कि क्या AI सेक्टर में दिख रही रेवेन्यू ग्रोथ वाकई असली डिमांड है या सिर्फ पैसे की हेरफेर। अगर यह डिमांड रियल नहीं है, तो टेक कंपनियों की मौजूदा कीमतें बहुत नाजुक स्थिति में हैं।

कैपिटल का भारी खर्च और घटता कैश फ्लो

AI इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना बेहद महंगा साबित हो रहा है। दिग्गज कंपनियां डेटा सेंटर्स और चिप्स पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। हालांकि प्रॉफिट बढ़ रहा है, लेकिन इसे 'फ्री कैश फ्लो' में बदलने की क्षमता कमजोर हुई है। लंबे समय के पट्टे (lease) और खरीद के भारी वादों के कारण इन कंपनियों की कैश जनरेशन प्रोफाइल पर दबाव है।

वैल्यूएशन और मार्केट का रिस्क

मौजूदा समय में S&P 500 का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 26x से 30x के बीच है, जो इतिहास के शिखर के करीब है। साथ ही, 'बफे इंडिकेटर' (Buffett indicator) भी 2.5x पर पहुंच गया है, जो 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस से भी ज्यादा है। बाजार की सारी वेल्थ कुछ गिनी-चुनी टेक कंपनियों में सिमट गई है, जिससे लिक्विडिटी में थोड़ी भी गिरावट बड़े मार्केट करेक्शन का कारण बन सकती है। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी होगी कि AI पर खर्च कितना टिकाऊ साबित होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.