AI Boom पर मंडराया संकट! क्या 90 के दशक के Dot-Com बबल की ओर बढ़ रही है दुनिया?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
AI Boom पर मंडराया संकट! क्या 90 के दशक के Dot-Com बबल की ओर बढ़ रही है दुनिया?

European Central Bank और Fitch Ratings ने AI में हो रहे भारी निवेश को लेकर चेतावनी जारी की है। क्या यह मौजूदा तेजी टिकाऊ है या मार्केट फिर से डॉट-कॉम बबल जैसी स्थिति में है?

ग्लोबल फाइनेंशियल वॉचडॉग्स की चिंताएं अब खुलकर सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में जिस तेजी से पैसा झोंका जा रहा है, वह मार्केट के लिए अस्थिर हो सकता है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक और Fitch Ratings का कहना है कि टेक सेक्टर के वैल्युएशन्स अब 90 के दशक के डॉट-कॉम दौर की याद दिला रहे हैं।

कर्ज के सहारे खड़ा 'AI इंफ्रास्ट्रक्चर'

इस चिंता की सबसे बड़ी वजह फंडिंग का तरीका है। साल 2026 तक ग्लोबल स्तर पर $2.5 ट्रिलियन का कैपिटल एक्सपेंडिचर होने का अनुमान है, जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज (Debt) के जरिए जुटाया जा रहा है। 2026 की पहली छमाही में AI फंडरेजिंग से जुड़ी अमेरिकी कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में 26% का उछाल देखा गया है। यदि इन प्रोजेक्ट्स से मुनाफा नहीं मिला, तो यह भारी कर्ज क्रेडिट मार्केट्स के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

मुनाफे के मोर्चे पर चुनौती

AI कंपनियां फिलहाल हार्डवेयर और डेटा सेंटर्स पर तो करोड़ों खर्च कर रही हैं, लेकिन कमाई के ठोस स्रोत अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। चुनौती यह है कि AI यूटिलिटी की लागत लगातार घट रही है। मई 2026 के बाद से AI मॉडल्स के लिए प्रति मिलियन टोकन की कीमत में 45% की गिरावट आई है। यह प्राइसिंग प्रेशर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने में बड़ी बाधा बन रहा है।

भारतीय निवेशकों पर क्या होगा असर?

भारतीय मार्केट भले ही सीधे तौर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेड से ज्यादा प्रभावित न हो, लेकिन ग्लोबल टेक स्पेंडिंग का असर हमारे IT सेक्टर पर जरूर दिख सकता है। यदि ग्लोबल टेक जायंट्स अपने बजट में कटौती करते हैं, तो भारतीय IT कंपनियों की सर्विस डिमांड में सुस्ती आ सकती है।

अब बाजार का फोकस केवल 'हाइप' से हटकर 'क्वालिटी ऑफ अर्निंग्स' की तरफ शिफ्ट हो रहा है। आने वाली कुछ तिमाहियों के रिजल्ट्स यह तय करेंगे कि क्या AI सेक्टर लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी साबित कर पाएगा या यह सिर्फ एक बबल बनकर रह जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.