केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8th Pay Commission के एरियर का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि **1 जनवरी 2026** को प्रभावी तारीख (Effective Date) माना गया है, लेकिन कमीशन की रिपोर्ट **मई 2027** तक आने की उम्मीद है। एरियर का भुगतान सरकारी फैसलों पर निर्भर करेगा।
परामर्श प्रक्रिया का दौर जारी
8th Central Pay Commission फिलहाल देशभर में अपनी कंसल्टेशन प्रक्रिया में जुटा हुआ है। 3 नवंबर 2025 को गठित इस कमीशन को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। अक्टूबर 2026 तक, कमीशन मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठकें कर रहा है ताकि सिफारिशों को अंतिम रूप दिया जा सके।
एरियर को लेकर उलझन
सबसे बड़ा सवाल एरियर को लेकर है। सरकार ने 1 जनवरी 2026 को सैलरी और पेंशन संशोधन के लिए प्रभावी तारीख तय की है, लेकिन कमीशन अपनी फाइनल रिपोर्ट मई 2027 तक ही सौंपेगा। इस वजह से नई पे-स्ट्रक्चर लागू होने की तारीख और सिफारिशें अमल में आने के बीच एक बड़ा अंतर (Gap) पैदा हो गया है।
क्या पुराने इतिहास को दोहराया जाएगा?
पुराने अनुभवों को देखें, तो जब भी सरकार ने प्रभावी तारीख के बाद पे-स्ट्रक्चर लागू किया, तो पुरानी और नई सैलरी के अंतर को एरियर के रूप में दिया गया। यदि सरकार इसी परंपरा का पालन करती है, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली तारीख तक का बकाया पैसा मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार के हाथ में होगा कि एरियर का भुगतान कैसे किया जाएगा।
इकोनॉमी पर असर और अनिश्चितता
यह मामला करीब 49 लाख कार्यरत कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों से जुड़ा है। इतना बड़ा भुगतान सरकारी राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) और खर्चों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, लाखों परिवारों के हाथ में एकमुश्त कैश आने से बाजार में डिमांड बढ़ने और महंगाई पर असर पड़ने की भी संभावना है। अभी तक फिटमेंट फैक्टर और अलाउंस को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है, इसलिए सभी की निगाहें कमीशन की रिपोर्ट और कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी हैं।
