57th GST Council Meeting: छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स को बड़ी राहत, अभियोजन की सीमा अब ₹5 करोड़

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
57th GST Council Meeting: छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स को बड़ी राहत, अभियोजन की सीमा अब ₹5 करोड़

GST काउंसिल की 57वीं बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए टैक्स से जुड़े अपराधों के लिए अभियोजन (Prosecution) की सीमा को बढ़ाकर **₹5 करोड़** कर दिया गया है। इसके अलावा, छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

राहत भरा फैसला

8 अक्टूबर, 2026 को हुई 57वीं GST काउंसिल की बैठक में सरकार ने अनुपालन (Compliance) बोझ को कम करने पर पूरा जोर दिया है। अब टैक्स अपराधों के लिए अभियोजन की सीमा को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है, जिससे व्यापारियों को कानूनी मुकदमेबाजी से बड़ी राहत मिलेगी।

ई-कॉमर्स और छोटे कारोबारियों को फायदा

काउंसिल ने ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए एक बड़ी बाधा को दूर किया है। छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अलग-अलग राज्यों में अपना कारोबार फैला सकेंगे। इसके साथ ही, टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों को कुछ मामलों में सीमित किया गया है, जो एक संतुलित टैक्स प्रवर्तन (Tax Enforcement) का संकेत है।

डिलीवरी चार्ज और भविष्य की राह

बैठक में लॉजिस्टिक और डिलीवरी सर्विस के टैक्स ढांचे पर भी चर्चा हुई। ई-कॉमर्स और फूड एग्रीगेटर्स की डिलीवरी सेवाओं पर 5% GST लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस नियमों को आसान बनाने पर है। व्यापारियों को अब आधिकारिक सरकारी सर्कुलर का इंतजार है, जो इन बदलावों के लागू होने की प्रक्रिया को स्पष्ट करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.