Licious ने ₹100 करोड़ मासिक राजस्व का मील का पत्थर हासिल किया
डिजिटल-फर्स्ट मीट और समुद्री भोजन ब्रांड Licious ने नवंबर में पहली बार ₹100 करोड़ मासिक शुद्ध राजस्व पार करने का एक महत्वपूर्ण वित्तीय मील का पत्थर हासिल किया है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने महीने के लिए लगभग ₹103.4 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो महामारी के बाद की सुस्ती के बाद विकास में एक मजबूत उछाल का संकेत देता है। यह उपलब्धि तेजी से विकसित हो रहे ऑनलाइन खाद्य वितरण क्षेत्र में Licious की रणनीतिक प्रगति और बाजार स्थिति को रेखांकित करती है।
वित्तीय गति और विकास के कारक
कंपनी की गति वित्तीय वर्ष 2026 तक जारी है। Licious की मूल कंपनी Delightful Gourmet Pvt Ltd ने FY26 की पहली छमाही में ₹530 करोड़ का शुद्ध राजस्व दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में प्रभावशाली 42 प्रतिशत की वृद्धि है। मासिक राजस्व में अक्टूबर में लगभग ₹94 करोड़ से बढ़कर नवंबर में ₹100 करोड़ का स्तर पार करने तक की महत्वपूर्ण उछाल देखी गई।
इस उछाल का केंद्रीय बिंदु Licious की 30 मिनट की रैपिड डिलीवरी सेवा, 'फ्लैश' है। यह सेवा एक मुख्य विकास इंजन बन गई है, जो अब कंपनी की मासिक बिक्री का लगभग 50 प्रतिशत योगदान देती है और कुल प्लेटफॉर्म ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा है। यह ताजे मांस और समुद्री भोजन की खरीद में गति और सुविधा की बढ़ती उपभोक्ता मांग को दर्शाता है।
सब्सक्रिप्शन और ओमनीचैनल रणनीति
Licious का इन्फिनिटी सब्सक्रिप्शन प्रोग्राम भी मजबूत कर्षण दिखा रहा है, जिसने लगभग 3.2 लाख ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग चार गुना वृद्धि है। कार्यक्रम में लगभग 87 प्रतिशत का उच्च नवीनीकरण दर (renewal rate) है, जो इसके सबसे लगातार उपयोगकर्ताओं से मजबूत जुड़ाव को उजागर करता है और मांग में पूर्वानुमान क्षमता जोड़ता है। यह रिटेंशन (ग्राहक बनाए रखने) पर ध्यान कंपनी की निरंतर वृद्धि का एक प्रमुख कारक है।
ब्रांड की ओमनीचैनल रणनीति भी महत्वपूर्ण परिणाम दे रही है। नवंबर में दर्ज ₹103.4 करोड़ में से, ऑनलाइन चैनलों ने लगभग ₹88 करोड़ उत्पन्न किए, जबकि भारत के शीर्ष महानगरों में Licious के 55 से अधिक फिजिकल स्टोर्स के नेटवर्क ने लगभग ₹16 करोड़ का योगदान दिया। कंपनी लगभग 1.5 मिलियन उपयोगकर्ताओं को सेवा प्रदान कर रही है, जिसमें 100,000 से अधिक बार खरीदारी करने वाले ऑफलाइन ग्राहक भी शामिल हैं, जो इसके फिजिकल रिटेल विस्तार में प्रारंभिक कर्षण का संकेत देता है।
प्रतिस्पर्धी दबाव में कमी
Licious के लिए प्रतिस्पर्धी परिदृश्य भी अधिक अनुकूल हो गया है। क्विक-कॉमर्स कंपनियाँ, जिन्होंने पहले अपने प्रस्तावों में मांस और समुद्री भोजन को शामिल किया था, उन्होंने इन प्रयासों को कम कर दिया है। कई अब Licious जैसे विशेष खिलाड़ियों के साथ रणनीतिक साझेदारी कर रहे हैं, जिससे प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धा कम हो गई है और श्रेणी में मूल्य निर्धारण का दबाव कम हो गया है। यह बदलाव Licious को केवल छूटों पर निर्भर रहने के बजाय आवृत्ति, गति और ग्राहक प्रतिधारण द्वारा संचालित श्रेणी विकास पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देता है।
'फ्लैश' सेवा को मुख्य चालक मानते हुए, और ऑफलाइन स्टोर्स और सब्सक्रिप्शन चैनलों से अतिरिक्त पैमाने के समर्थन के साथ, Licious एक अधिक स्थिर और टिकाऊ विकास चरण में प्रवेश करता दिख रहा है। कंपनी ने इन विकासों के संबंध में Moneycontrol के सवालों का जवाब नहीं दिया।
प्रभाव
Licious द्वारा ₹100 करोड़ मासिक राजस्व पार करने की उपलब्धि भारत में ऑनलाइन किराना और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) खाद्य वितरण क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक संकेतक है। यह दर्शाता है कि गति, ग्राहक प्रतिधारण और ओमनीचैनल दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने वाले विशेष प्लेटफार्म महत्वपूर्ण पैमाने और लाभप्रदता प्राप्त कर सकते हैं। यह क्षेत्र में आगे निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित कर सकता है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए बेहतर सेवाएं और अधिक विकल्प मिल सकते हैं। इसकी 'फ्लैश' डिलीवरी की सफलता, यहां तक कि विशेष श्रेणियों के लिए भी, क्विक कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के बढ़ते महत्व को उजागर करती है।
Impact Rating: 7/10
कठिन शब्दों का स्पष्टीकरण
मासिक शुद्ध राजस्व (Monthly Net Revenue): किसी कंपनी द्वारा एक महीने के भीतर बेचे गए माल और सेवाओं से उत्पन्न कुल आय, जिसमें वापसी और भत्ते घटाने के बाद।
विकास की गति में बदलाव (Growth Inflexion): वह बिंदु जहाँ किसी व्यवसाय या मीट्रिक के विकास की दर दिशा बदलती है, आमतौर पर धीमी गति से तेज गति की ओर।
FY26 (वित्तीय वर्ष 2026): भारत में अप्रैल 2025 में शुरू होने वाले और मार्च 2026 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष को संदर्भित करता है।
फ्लैश (Flash): Licious की रैपिड डिलीवरी सेवा, जो 30 मिनट के भीतर डिलीवरी का वादा करती है।
प्लेटफ़ॉर्म ट्रैफ़िक (Platform Traffic): किसी कंपनी की वेबसाइट या ऐप तक पहुँचने वाले विज़िटर या उपयोगकर्ताओं की संख्या।
बार-बार आने वाले ग्राहक (Repeat Customers): ऐसे ग्राहक जिन्होंने कंपनी से एक से अधिक बार खरीदारी की है।
ओमनीचैनल रणनीति (Omnichannel Strategy): एक व्यावसायिक दृष्टिकोण जो एक सहज ग्राहक अनुभव प्रदान करने के लिए विभिन्न बिक्री और विपणन चैनलों (ऑनलाइन, ऑफलाइन स्टोर, मोबाइल ऐप) को एकीकृत करता है।
क्विक-कॉमर्स प्लेयर्स (Quick-commerce Players): वे कंपनियाँ जो उत्पादों, अक्सर किराना और आवश्यक वस्तुओं, को बहुत तेज़ी से, आमतौर पर 10-30 मिनट के भीतर वितरित करने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
मूल्य निर्धारण दबाव (Pricing Pressure): ऐसी स्थिति जहाँ कंपनियाँ प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतें कम करने के लिए मजबूर होती हैं, जिससे लाभ मार्जिन प्रभावित हो सकता है।