XRP की कीमत फिलहाल $1.37 के आसपास बनी हुई है, जो प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की मौजूदा गिरावट भरी चाल के विपरीत है। इसके उलट, XRP से जुड़े ETFs में लगातार मजबूत निवेश देखने को मिल रहा है। पिछले सात दिनों में XRP प्रोडक्ट्स में कुल 42 मिलियन डॉलर (लगभग ₹350 करोड़) का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है।
यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि सबसे बड़े क्रिप्टो प्रोडक्ट्स, जैसे कि Bitcoin ETFs, से इस समय भारी मात्रा में पैसा निकाला जा रहा है। अकेले Bitcoin ETFs से एक ही कारोबारी सत्र में 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹830 करोड़) से ज़्यादा की निकासी हुई, जबकि हफ्ते की शुरुआत में भी इनमें बड़ा नुकसान देखने को मिला था। Ether प्रोडक्ट्स पर भी दबाव बना रहा, जिनसे 32.6 मिलियन डॉलर (लगभग ₹270 करोड़) की निकासी हुई।
क्रिप्टो में निवेश को लेकर समझदारी
फंड फ्लो में यह अंतर साफ दिखाता है कि निवेशक अब सावधानी से चुन रहे हैं कि वे अपना पैसा कहां लगा रहे हैं, भले ही पूरा क्रिप्टो मार्केट दबाव में हो। विश्लेषक इस ट्रेंड पर नजर रख रहे हैं कि क्या यह किसी रोटेशन ट्रेड (Rotation Trade) की शुरुआत है या सिर्फ एक छोटी अवधि की तेजी।
ऑन-चेन एक्टिविटी दे रही मिली-जुली प्रतिक्रिया
ऑन-चेन डेटा (On-chain data) भी एक अलग, हालांकि कम निर्णायक, तस्वीर पेश कर रहा है। XRP में इस साल चौथे सबसे बड़े दैनिक नए वॉलेट निर्माण का रिकॉर्ड देखा गया, जिसमें 24 घंटे में 4,300 से ज़्यादा नए वॉलेट बनाए गए। इस तरह के मेट्रिक्स कभी-कभी नेटवर्क में बढ़ती भागीदारी का संकेत देते हैं, खासकर जब यह कैपिटल इनफ्लो के साथ जुड़ता है। हालांकि, XRP के नेटवर्क ग्रोथ के व्यापक विश्लेषण से पता चलता है कि 2025 के अंत से इसमें गिरावट आ रही है। इसलिए, यह हालिया उछाल स्थायी एडॉप्शन (sustained adoption) के बजाय एक अलग घटना हो सकती है। निवेशकों के लिए यह सवाल बना हुआ है कि क्या इनफ्लो का यह ट्रेंड टिकाऊ है या सिर्फ एक अस्थायी उछाल मात्र है।
