WazirX के लिए राहत की खबर है। रीस्ट्रक्चरिंग के बाद प्लेटफॉर्म पर स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम में **124%** की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि कंपनी का मुख्य ध्यान अब भी **2024** के साइबर अटैक के बाद क्रेडिटर्स का पैसा लौटाने पर है।
कारोबार में सुधार के संकेत
2024 के बड़े साइबर हमले के बाद WazirX अब अपनी साख बचाने और कारोबार को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटी है। एक्सचेंज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर के बीच स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम में 124% और एक्टिव ट्रेडर्स की संख्या में 111% का इजाफा हुआ है।
रीपेमेंट और फ्यूचर ट्रेडिंग का जोर
कंपनी ने अपनी सर्विस को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। अप्रैल में लॉन्च किए गए 'WazirX Futures' ने वॉल्यूम बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है, और अब फ्यूचर्स ट्रेडिंग, स्पॉट मार्केट से भी आगे निकल गई है। इसके अलावा, नए रुपये डिपॉजिट में भी 69.4% की बड़ी उछाल देखने को मिली है।
हालांकि, इन सब के बीच कंपनी पर भारी फाइनेंशियल और लीगल दबाव बना हुआ है। मैनेजमेंट का सबसे बड़ा लक्ष्य 2024 की सुरक्षा चूक के शिकार हुए क्रेडिटर्स का पैसा पूरा लौटाना है। यह रीपेमेंट प्लान पूरी तरह से एक्सचेंज की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो पर निर्भर करता है।
टैक्स पॉलिसी बनी बाधा
भारत में क्रिप्टो सेक्टर के लिए चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। कंपनी का मानना है कि मौजूदा टैक्स फ्रेमवर्क, जहां ट्रेडर्स को मुनाफे पर टैक्स तो देना पड़ता है लेकिन नुकसान को सेट-ऑफ करने की इजाजत नहीं है, यह लिक्विडिटी के लिए बड़ी बाधा है। अब निवेशक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कंपनी अपना रीपेमेंट प्लान कैसे पूरा करती है और टैक्स नियमों में भविष्य में क्या बदलाव होते हैं।
