क्यों उठाया WazirX ने ये कदम?
भारत में क्रिप्टो टैक्स नियमों में बदलाव के बाद से कई ट्रेडर्स स्पॉट ट्रेडिंग से डेरिवेटिव्स की ओर रुख कर रहे हैं। 1% TDS ऑन स्पॉट ट्रेड्स और 30% टैक्स ऑन वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) जैसे नियमों ने ट्रेडर्स को फ्यूचर्स की ओर धकेला है। WazirX इस ट्रेंड का फायदा उठाकर अपनी मार्केट में खोई हुई हिस्सेदारी वापस पाना चाहता है। कंपनी का अनुमान है कि आने वाले समय में फ्यूचर ट्रेडिंग से 50% रेवेन्यू जनरेट होगा।
क्या हैं खास फीचर्स और फीस?
WazirX के नए फ्यूचर प्लेटफॉर्म पर 36 अलग-अलग टोकन्स पर ट्रेडिंग की जा सकेगी। यहां ट्रेडर्स को शुरुआत में 10X का लीवरेज मिलेगा, जिसे बढ़ाकर 100X तक ले जाया जा सकता है। सबसे खास बात इसकी फीस है – 0.02% मेकर फीस और 0.04% टेकर फीस। यह भारत में किसी भी अन्य एक्सचेंज की तुलना में सबसे कम है, और इसके लिए किसी मिनिमम ट्रेडिंग वॉल्यूम की शर्त भी नहीं है।
कॉम्पिटिशन और मार्केट शेयर का गणित
WazirX एक ऐसे बाजार में वापसी कर रहा है जहां पहले से ही CoinDCX जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं, जो अच्छी खासी ट्रेडिंग वॉल्यूम संभालते हैं। हालांकि, उनकी फीस आमतौर पर 0.05% मेकर और 0.1% टेकर से शुरू होती है। WazirX की आक्रामक प्राइसिंग का मकसद उन ट्रेडर्स को आकर्षित करना है जो CoinSwitch Kuber जैसे प्लेटफॉर्म पर भी ट्रेड कर रहे हैं। भारतीय क्रिप्टो फ्यूचर मार्केट का अनुमानित दैनिक वॉल्यूम $3-4 बिलियन है, और इसमें टॉप प्लेयर्स का 70-80% मार्केट शेयर है। WazirX, जो कभी स्पॉट वॉल्यूम में 50-60% हिस्सेदारी के साथ टॉप पर था, अब केवल 5-10% पर है, जिससे उसकी वापसी की राह मुश्किल भरी दिख रही है।
सिक्योरिटी का सवाल और भरोसे की जंग
WazirX को अपनी मार्केट पोजीशन वापस पाने के लिए एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। करीब सात महीने पहले हुए $230 मिलियन के सिक्योरिटी ब्रीच (हैक) ने कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपने कॉम्पिटिटर्स के मुकाबले, WazirX को यूजर्स का भरोसा दोबारा जीतने के लिए और ज्यादा मेहनत करनी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वो सिर्फ कम फीस के दम पर पुराने दिनों जैसा दबदबा बना पाएंगे।
