राष्ट्रपति Donald Trump ने US Senate में 'CLARITY Act' को पास कराने के लिए नए एथिक्स रूल्स पर सहमति जताई है। यह बिल डिजिटल एसेट्स के रेगुलेशन को स्पष्ट करने के लिए लाया गया है, लेकिन इसे पास कराने के लिए **60** वोटों की चुनौती अभी भी बनी हुई है।
राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रस्तावित 'Digital Asset Market Clarity Act' (CLARITY Act) को आगे बढ़ाने के लिए सख्त एथिक्स प्रावधानों को शामिल करने का फैसला किया है। यह कदम 15 सितंबर, 2026 को होने वाली महत्वपूर्ण प्रोसीजरल वोटिंग से ठीक पहले उठाया गया है। अमेरिकी सीनेट में इस बिल को पारित करने के लिए 60 वोटों की जरूरत है।
क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?
बिल को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने नए नियम माने हैं। इसके तहत फेडरल अधिकारियों को या तो डिजिटल एसेट्स से अपनी होल्डिंग हटानी होगी या फिर उन्हें 'ब्लाइंड ट्रस्ट' में डालना होगा। इसके अलावा, स्टेट अटॉर्नी जनरल को अब उन क्रिप्टो एक्सचेंजों के खिलाफ मुकदमा करने की अतिरिक्त शक्तियां दी गई हैं जो प्रतिबंधित डिजिटल टोकन लिस्ट करते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह कानून अमेरिकी मार्केट में SEC (Securities and Exchange Commission) और CFTC (Commodity Futures Trading Commission) के बीच चल रहे अधिकार क्षेत्र के विवाद को सुलझाने की कोशिश है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं था कि कौन सा टोकन सिक्योरिटी है और कौन सा कमोडिटी, जिससे मार्केट में काफी अनिश्चितता बनी हुई थी।
अगर यह बिल पास होता है, तो इससे मार्केट में एक कानूनी ढांचा तैयार होगा, जिससे संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का भरोसा बढ़ सकता है। हालांकि, विपक्ष का साथ मिलना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। यदि बिल पर्याप्त वोट जुटाने में विफल रहता है, तो क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।
