Ripple के प्रोजेक्ट्स की धूम, XRP ETF में आई बंपर तेजी
इस सोमवार XRP एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में $25.8 मिलियन का भारी-भरकम इनफ्लो आया, जो कि इस साल जनवरी के बाद सबसे ज्यादा है। यह आंकड़ा दिखाता है कि इंस्टीट्यूशनल निवेशक (Institutional Investors) XRP के प्रति फिर से दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बिटकॉइन ईटीएफ में लगातार इनफ्लो जारी है, लेकिन अब XRP ईटीएफ भी अपनी यूटिलिटी (Utility) और भविष्य की तैयारी को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है।
Ripple के बड़े कदम, XRP की यूटिलिटी को मिली नई जान
XRP ईटीएफ में बढ़ती दिलचस्पी के पीछे Ripple के कई अहम कदम हैं। Ripple को $200 मिलियन की एक डेट फैसिलिटी (Debt Facility) मिली है, जो Neuberger Specialty Finance फंड्स से आई है। इस पैसे का इस्तेमाल Ripple Prime, इसके मल्टी-एसेट प्राइम ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म (Prime Brokerage Platform) को बढ़ाने में किया जाएगा। Ripple Prime की रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल के मुकाबले तीन गुना बढ़ गई है, जो इसकी सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
Ripple ने JPMorgan, Mastercard और Ondo Finance के साथ मिलकर XRP लेजर पर यू.एस. ट्रेजरी सेटलमेंट्स (U.S. Treasury Settlements) को टोकनाइज (Tokenize) करने का एक सफल पायलट भी पूरा किया है। इस ट्रांजेक्शन में 5 सेकंड से भी कम समय में टोकनाइज्ड एसेट्स का रिडेम्पशन हुआ। यह पब्लिक ब्लॉकचेन (Public Blockchain) को पारंपरिक इंटरबैंक सेटलमेंट सिस्टम (Interbank Settlement Systems) से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
क्वांटम-रेसिस्टेंट रोडमैप से XRP लेजर का भविष्य सुरक्षित
Ripple ने 2028 तक XRP लेजर को क्वांटम-रेसिस्टेंट (Quantum-Resistant) बनाने का रोडमैप भी पेश किया है। इस कदम से यह चिंता दूर होगी कि क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) मौजूदा क्रिप्टोग्राफिक स्टैंडर्ड्स (Cryptographic Standards) को तोड़ सकती है। Ripple पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफिक स्कीम्स (Post-Quantum Cryptographic Schemes) का टेस्ट करेगा और 'Q-day' के लिए तैयारी करेगा। यह लॉन्ग-टर्म सिक्योरिटी XRP की अपील को बढ़ाती है। XRP लेजर का अपना की रोटेशन फीचर (Key Rotation Feature) इसे बिटकॉइन और इथेरियम जैसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।
मार्केट की चाल: XRP की तुलना में दूसरे डिजिटल एसेट्स
ETF इनफ्लो के बावजूद, पिछले 6 महीनों में XRP की कीमत 39% गिर चुकी है। यह जुलाई 2025 में अपने ऑल-टाइम हाई $3.65 से काफी नीचे है। वहीं, स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में $3.4 बिलियन से ज्यादा का इनफ्लो आया है। सोलाना (Solana) ईटीएफ में भी $26.6 मिलियन का इनफ्लो देखा गया, जो फरवरी के बाद सबसे ज्यादा है। दूसरी ओर, इथेरियम (Ethereum) ईटीएफ से करीब $16.9 मिलियन का आउटफ्लो हुआ। यह दिखाता है कि इंस्टीट्यूशनल कैपिटल सोच-समझकर डिजिटल एसेट्स में जा रहा है।
जोखिम अभी भी बाकी: वोलैटिलिटी और रेगुलेटरी अनिश्चितता
Ripple की नई तरक्की के बावजूद XRP के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं। यह क्रिप्टोकरेंसी अपनी भारी वोलैटिलिटी (Volatility) के लिए जानी जाती है और फिलहाल अपने ऑल-टाइम हाई से 61.10% नीचे ट्रेड कर रही है। हालांकि, अमेरिका में CLARITY एक्ट के प्रस्ताव से स्टेबलकॉइन (Stablecoin) रेगुलेशन में कुछ उम्मीद जगी है, लेकिन डिजिटल एसेट का माहौल, खासकर XRP की क्लासिफिकेशन को लेकर, अभी भी अनिश्चित है। SEC मुकदमे (SEC Lawsuit) का साया भी बना हुआ है।
