Crypto Crackdown: भारत ने 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर लगाया बैन, निवेशकों के फंड पर बड़ा खतरा!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Crypto Crackdown: भारत ने 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर लगाया बैन, निवेशकों के फंड पर बड़ा खतरा!

Financial Intelligence Unit (FIU-IND) ने 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। इन प्लेटफॉर्म्स ने भारत के एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों का पालन नहीं किया है, जिससे भारतीय निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम खड़ा हो गया है।

भारत सरकार ने क्रिप्टो मार्केट में कड़े कदम उठाते हुए 15 विदेशी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सर्विस प्रोवाइडर्स के खिलाफ एक्शन लिया है। इन कंपनियों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA, 2002) के तहत खुद को रजिस्टर नहीं कराया था, जिसके बाद FIU-IND ने इनकी वेबसाइट्स और ऐप्स को भारत में ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।\n\n### किन प्लेटफॉर्म्स पर हुई कार्रवाई?\n\nसरकार की इस लिस्ट में Weex, Blofin, Rezorex, Bitunix, DigiFinex, Toobit, XT.com, Latoken, WOO X, Pionex, ChangeNow, SimpleSwap, Fixedfloat, WhiteBIT, और Guardarian जैसे नाम शामिल हैं। आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत यह कार्रवाई की जा रही है ताकि भारत में सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियां स्थानीय कानूनों के दायरे में रहें।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?\n\nइस बैन से सबसे बड़ा खतरा उन निवेशकों को है जिनके फंड इन प्लेटफॉर्म्स पर जमा हैं। चूँकि ये एक्सचेंज भारत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, इसलिए किसी भी विवाद या अकाउंट ब्लॉक होने की स्थिति में निवेशकों के पास कोई कानूनी सहारा नहीं होगा।\n\nइसके अलावा, भारत में क्रिप्टो पर पहले से ही 30% फ्लैट टैक्स लागू है और नुकसान (Loss) की भरपाई का कोई प्रावधान नहीं है। इन विदेशी एक्सचेंजों के ब्लॉक होने से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री ट्रैक करने में मुश्किलें आ सकती हैं, जो भविष्य में टैक्स फाइलिंग के दौरान बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। अभी तक 50 से ज्यादा VDA प्रोवाइडर्स ने FIU के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन कई अब भी मनमानी कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.