EU का बड़ा कदम: रूस के क्रिप्टो कारोबार पर पूर्ण विराम
यूरोपियन यूनियन (EU) ने रूस के खिलाफ अपने कड़े रुख को और मज़बूत करते हुए, पिछले दो सालों में अपने सबसे बड़े प्रतिबंधों (sanctions) के पैकेज का ऐलान किया है। इन नए नियमों के तहत, रूस के भीतर काम करने वाले सभी क्रिप्टो एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (CASPs) और प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। EU का कहना है कि यह कदम रूस की अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और लगे हुए प्रतिबंधों से बचने के लिए डिजिटल एसेट्स पर बढ़ती निर्भरता को सीधे तौर पर निशाना बनाने के लिए उठाया गया है।
धोखेबाज़ नेटवर्क पर भी लगाम
EU के नए प्रतिबंधों का मुख्य मकसद रूस द्वारा क्रिप्टो के जरिए लगाए गए सैंक्शन्स से बचने की जटिल चालों को नाकाम करना है। इसमें खास तौर पर A7A5 स्टेबलकॉइन इकोसिस्टम को निशाना बनाया गया है। यह रूबल-बैक्ड स्टेबलकॉइन, जिसे किर्गिस्तान की कंपनी Old Vector ने जारी किया था और जो रूस के Promsvyazbank (PSB) से जुड़ा था, अब तक $51.17 बिलियन से लेकर $93.3 बिलियन से ज़्यादा के ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल हो चुका था। रिपोर्टों के मुताबिक, इसने रूस की 'शैडो इकॉनमी' में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, किर्गिज क्रिप्टो एक्सचेंज TengriCoin (Meer.kg) पर भी बैन लगाया गया है, जहां A7A5 ट्रेड होता था।
वित्तीय पाबंदियों का दायरा बढ़ा
सिर्फ क्रिप्टो तक ही यह प्रतिबंध सीमित नहीं हैं। EU के नए पैकेज में 20 रूसी बैंकों और 4 अन्य देशों के वित्तीय संस्थानों को भी निशाना बनाया गया है। ये संस्थान रूस के SPFS (System for Transfer of Financial Messages) से जुड़े हैं, जो SWIFT का घरेलू विकल्प है और जिसका इस्तेमाल रूस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से बाहर रहकर वित्तीय लेन-देन के लिए कर रहा था। इसके अलावा, रूस के सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) 'RUBx stablecoin' और डिजिटल रूबल के विकास में किसी भी तरह की सहायता पर भी पूर्ण रोक लगा दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसे किसी भी रास्ते को ब्लॉक किया जा सके।
EU नागरिकों और कंपनियों पर असर
इन नए नियमों के तहत, EU के नागरिक अब रूस और बेलारूस में स्थित किसी भी क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर (CASPs) या डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्लेटफॉर्म्स के साथ कोई भी लेन-देन नहीं कर पाएंगे। साथ ही, EU की कंपनियों को भी बेलारूस के लोगों और संस्थाओं को Markets in Crypto-Assets Regulation (MiCA) के तहत क्रिप्टो सेवाएं देने की मनाही है। 'नेटिंग ट्रांजैक्शन्स विद रशियन एजेंट्स' पर लगी रोक, सैंक्शन्स से बचने का एक और अहम जरिया बंद करती है।
बदल रहा क्रिप्टो रेगुलेशन का नज़रिया
Chainalysis का मानना है कि यह क्रिप्टो कंप्लायंस (अनुपालन) का 'नया युग' है, जहाँ EU अब अलग-अलग लोगों को टारगेट करने के बजाय, पूरे 'इकोसिस्टम' को निशाना बना रहा है। यह एक बड़ी रणनीति में बदलाव का संकेत है, क्योंकि पहले सिर्फ व्यक्तियों पर कार्रवाई करने से नए प्लेटफॉर्म उभर आते थे। अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी रूस द्वारा क्रिप्टो सैंक्शन्स से बचने की कोशिशों पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं और संबंधित संस्थाओं व व्यक्तियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। यह कदम वैश्विक स्तर पर क्रिप्टो कंप्लायंस के माहौल को और भी सख्त बना रहा है।
