Crypto Industry: $20 करोड़ खर्च कर भी फेल हुआ क्रिप्टो लॉबी का दांव, आगे बढ़ेगी सख्ती?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Crypto Industry: $20 करोड़ खर्च कर भी फेल हुआ क्रिप्टो लॉबी का दांव, आगे बढ़ेगी सख्ती?

साल 2026 के अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में क्रिप्टो इंडस्ट्री ने लगभग **$20 करोड़** का भारी-भरकम निवेश किया था, लेकिन इसके बावजूद वे अपने प्रमुख आलोचकों को हटाने में नाकाम रहे। अब सीनेट और हाउस में डेमोक्रेट्स का कब्जा होने से Clarity Act जैसे बिलों पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में क्रिप्टो सेक्टर का यह बड़ा दांव उल्टा पड़ गया है। इंडस्ट्री ने राजनीतिक एक्शन कमेटियों के जरिए $17.6 करोड़ से $20 करोड़ तक का फंड झोंका था, ताकि वे अपने फेवर के नेताओं को जिता सकें। हालांकि, शेरोड ब्राउन जैसे कड़े आलोचकों को सीट से हटाने में यह कोशिश पूरी तरह विफल रही।

डेमोक्रेट्स की जीत और Clarity Act पर संकट

अब जब अमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण है, तो डिजिटल एसेट सेक्टर के लिए हालात मुश्किल हो गए हैं। 'Clarity Act' जो इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता था, वह पहले ही 49-50 के वोट से अटक गया था। अब कांग्रेस के बदले समीकरणों में इस बिल के कानून बनने की राह और कठिन हो गई है।

मार्केट में हलचल और दबाव

चुनाव नतीजों के साथ ही क्रिप्टो मार्केट में जबरदस्त वोलैटिलिटी देखी गई। Bitcoin की कीमतें गिरकर $76,000 के नीचे पहुंच गईं, हालांकि बाद में ये $78,000 के स्तर पर संभलती दिखीं। सिर्फ राजनीतिक दबाव ही नहीं, बल्कि निवेशक अब इन तीन बड़ी चिंताओं पर भी नजर रख रहे हैं:

  • Institutional Outflows: Bitcoin और Ethereum के एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स से बड़े पैमाने पर पैसा बाहर निकल रहा है।
  • Binance Security Breach: एक्सचेंज पर हुई हालिया सुरक्षा चूक का डर अभी भी निवेशकों के मन में है।
  • Stricter Enforcement: रेगुलेटरी बॉडीज द्वारा आने वाले समय में कड़े नियम और लंबी जांच का सिलसिला शुरू हो सकता है।

Fairshake जैसे ग्रुप्स अब अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने को मजबूर हैं। चुनाव में सीधे पैसे लगाने का दांव अब नाकाम साबित होता दिख रहा है, और भविष्य की उम्मीद अब केवल द्विदलीय लॉबिंग (Bipartisan Lobbying) पर टिकी है। आने वाले समय में कमिटी नियुक्तियां यह तय करेंगी कि क्या क्रिप्टो बिलों को कोई उम्मीद बचेगी या रेगुलेटरी शिकंजा और भी कसा जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.