क्रिप्टो बिल ने मचाई हलचल, इंडस्ट्री में बड़ा बवाल
अमेरिकी सीनेट में पेश हुआ एक नया मार्केट स्ट्रक्चर बिल, जिसे 'Clarity Act' का नाम दिया गया है, क्रिप्टो इंडस्ट्री में बड़ी बहस छेड़ दी है। हालांकि बिल का मकसद डिजिटल एसेट्स के लिए नियमों को स्पष्ट करना है, लेकिन यह इंडस्ट्री के दिग्गजों के बीच गहरी असहमति को भी उजागर कर रहा है।
Coinbase की Stablecoin पर चिंता
Coinbase इस बिल के लेटेस्ट समझौते से नाखुश बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक्सचेंज को डर है कि बिल में कुछ ऐसी बातें हैं जो उनके पॉपुलर स्टेबलकॉइन रिवॉर्ड प्रोग्राम्स पर रोक लगा सकती हैं। ये प्रोग्राम्स ग्राहकों को जोड़ने और बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। Coinbase के CEO ब्रायन आर्मस्ट्रांग खुद इंडस्ट्री-फ्रेंडली नियमों के बड़े समर्थक रहे हैं, ऐसे में ये संभावित रुकावटें कंपनी के लिए काफी मायने रखती हैं।
इंडस्ट्री में बढ़ता बंटवारा
परेशानी सिर्फ Coinbase की चिंताओं तक सीमित नहीं है। क्रिप्टो सेक्टर के कुछ दूसरे धड़े इस प्रस्ताव के कुछ हिस्सों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। इसका मतलब है कि हर कोई इस समझौते को बुरी नज़र से नहीं देख रहा। हालांकि, हाल की बातचीत, जिसमें Coinbase और इंडस्ट्री के दूसरे लीडर्स शामिल थे, यह दिखाती है कि रेगुलेटरी इंगेजमेंट को लेकर क्रिप्टो इकोसिस्टम में किस तरह का बंटवारा बढ़ रहा है।
बाज़ार पर असर और नियामक पहलू
ये प्रस्तावित नियम एजेंसियों को 'रिवॉर्ड्स' के लिए नए नियम बनाने पर मजबूर कर सकते हैं, जिससे परिभाषाओं को लेकर अनिश्चितता और ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम के आधार पर संभावित सीमाएं लगाए जाने का डर है। इस खबर का असर बाज़ार पर भी दिख रहा है, जहाँ Circle के शेयर मंगलवार को 20% तक गिर गए। Tether से जुड़ी खबरें भी इस स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं, व्हाइट हाउस के क्रिप्टो एडवाइजर पैट्रिक विट ने एक ज़्यादा पॉजिटिव नज़रिया पेश करते हुए ऐसी नकारात्मक भविष्यवाणियों को 'अनभिज्ञ' बताया है।
आगे क्या?
कानून बनाने वाले जल्द ही बिल का फाइनल ड्राफ्ट आने की उम्मीद कर रहे हैं, और संभावना है कि बहस वाले ज़्यादातर मुद्दे इसमें बने रहेंगे क्योंकि वे इस कानून को आगे बढ़ाना चाहते हैं। बैंकिंग इंडस्ट्री का इस बिल पर आधिकारिक रुख अभी आना बाकी है।