क्रिप्टो प्लेटफॉर्म CoinSwitch के लिए FY26 का साल शानदार रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **150%** बढ़कर **₹324 करोड़** पर पहुंच गया है, और साथ ही इसने **₹86.38 करोड़** का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया है।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म CoinSwitch ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजों का एलान किया है, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 150% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने ₹86.38 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA हासिल किया है, जो कि FY25 के ₹1.65 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है।
खर्चों पर लगाम
कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्चों को काफी हद तक नियंत्रित रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल ऑपरेटिंग खर्च में सिर्फ 37% की बढ़ोतरी हुई है, जो कि रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में काफी कम है। यह दर्शाता है कि कंपनी ने अपनी कार्यक्षमता (Efficiency) में सुधार किया है। हैरानी की बात यह है कि कंपनी के प्रति कर्मचारी रेवेन्यू में 2 गुने से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कर्मचारियों की संख्या में मात्र 11% का इजाफा हुआ है।
चुनौतियां और जोखिम
भारत में क्रिप्टो सेक्टर अभी भी कठिन रेगुलेटरी वातावरण से जूझ रहा है। डिजिटल एसेट से होने वाली आय पर 30% टैक्स और ट्रांजेक्शन पर 1% TDS की मार ने ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर डाला है। बावजूद इसके, Andreessen Horowitz, Tiger Global, और Peak XV Partners जैसे बड़े निवेशकों का साथ कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
हालांकि, बाजार में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ रेगुलेटरी अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। CoinDCX और WazirX जैसे साथियों के सामने भी कई तरह की चुनौतियां रही हैं। सह-संस्थापक आशीष सिंघल (Ashish Singhal) के नेतृत्व में अब कंपनी का फोकस 'हाई-बर्न' ग्रोथ मॉडल से हटकर पूरी तरह से वित्तीय जवाबदेही (Fiscal Accountability) पर टिक गया है। आने वाले समय में कंपनी के यूजर एक्विजिशन कॉस्ट और सरकारी नीतियों के प्रति इनका रुख निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।
