CFTC की नई गाइडलाइन्स: क्रिप्टो में लेवरेज ट्रेडिंग करने वालों पर अब होगा कड़ा सरकारी पहरा

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AuthorMehul Desai|Published at:
CFTC की नई गाइडलाइन्स: क्रिप्टो में लेवरेज ट्रेडिंग करने वालों पर अब होगा कड़ा सरकारी पहरा

U.S. Commodity Futures Trading Commission (CFTC) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नए नियमों का प्रस्ताव रखा है। अब रिटेल यूजर्स को लेवरेज ट्रेडिंग देने वाले प्लेटफॉर्म्स को सख्त एंटी-मैनिपुलेशन और प्रूफ-ऑफ-रिजर्व के नियमों का पालन करना होगा।

नियम और शर्तें (Key Requirements)

CFTC ने एक ऐसा फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिससे क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए एक समान फेडरल स्टैंडर्ड तैयार किया जा सके। अब जो भी प्लेटफॉर्म रजिस्टर्ड होंगे, उन्हें अपने पास मौजूद एसेट्स के लिए प्रूफ-ऑफ-रिजर्व देना होगा। इसके अलावा, ट्रेड में किसी भी तरह की हेराफेरी को रोकने के लिए सख्त एंटी-मैनिपुलेशन कंट्रोल लागू करने होंगे। साथ ही, अब कस्टमर ट्रेड्स को रजिस्टर्ड फ्यूचर्स कमीशन मर्चेंट्स के जरिए ही पूरा किया जा सकेगा, जो इसे पारंपरिक डेरिवेटिव मार्केट जैसा सुरक्षित बनाने की कोशिश है।

इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?

यह कदम भले ही मार्केट में पारदर्शिता लाने के लिए हो, लेकिन एक्सचेंजों के लिए इसके कई चैलेंज भी हैं। इन नए नियमों के तहत ट्रेडिंग मॉनिटरिंग और अकाउंटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने में भारी खर्च (Cost) आएगा, जिससे छोटे प्लेटफॉर्म्स के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

कानूनी चुनौतियां

विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि ये नियम सीधे संसद के एक्ट के बजाय एजेंसी (CFTC) द्वारा लाए जा रहे हैं, इसलिए ये भविष्य में कानूनी चुनौतियों और राजनीतिक बदलावों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। अभी यह प्रपोजल 60-दिन की पब्लिक कमेंट फेज में है। इन्वेस्टर्स के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये नियम केवल लेवरेज और मार्जिन ट्रेडिंग पर लागू होते हैं, बाकी क्रिप्टो एक्टिविटीज फिलहाल पुराने नियमों के दायरे में रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.