Bitcoin: $14 अरब के Options Expiry पर भू-राजनीतिक तनाव का साया, क्या Bitcoin में आएगी बड़ी हलचल?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Bitcoin: $14 अरब के Options Expiry पर भू-राजनीतिक तनाव का साया, क्या Bitcoin में आएगी बड़ी हलचल?
Overview

Bitcoin के निवेशकों के लिए आने वाले दिन अहम हो सकते हैं। **$14 अरब** के Bitcoin ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी ऐसे समय पर हो रही है जब Iran, US और Israel के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। इस संयोग से Bitcoin में बड़ी हलचल का खतरा मंडरा रहा है।

एक्सपायरी और भू-राजनीतिक तनाव का टकराव

$14 अरब के Bitcoin ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के साथ ही दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है। यह स्थिति Bitcoin पर दबाव बना सकती है। आमतौर पर, डेरिवेटिव्स (derivatives) ट्रेडिंग कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकने में मदद करती है। लेकिन, जब ये पोजीशन खत्म होंगी और भू-राजनीतिक झटके लगेंगे, तो Bitcoin एक बड़ी परीक्षा से गुजरेगा। बाजार यह देख रहा है कि क्या हालिया स्थिरता केवल एक ठहराव है या फिर बाहरी कारकों से प्रेरित बड़ी चाल आने वाली है।

डेरिवेटिव्स ने कैसे Bitcoin को एक रेंज में रखा?

Bitcoin की कीमतें हाल ही में $60,000 से $75,000 के बीच रही हैं, जो इसके रिकॉर्ड हाई $126,000 से काफी नीचे है। भू-राजनीतिक तनावों और U.S. Bitcoin ETFs में उतार-चढ़ाव वाले निवेश के बावजूद, यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी है। माना जा रहा है कि डेरिवेटिव मार्केट ने वोलैटिलिटी (volatility) को कम रखने में बड़ी भूमिका निभाई है। संस्थागत निवेशकों (institutional investors) ने अक्सर इनकम कमाने के लिए कॉल ऑप्शंस (call options) बेचे हैं, जिससे जोखिम मार्केट मेकर्स (market makers) पर आ गया है। इन मार्केट मेकर्स ने कीमतों में गिरावट आने पर खरीदकर और चढ़ने पर बेचकर अपनी पोजीशन संभाली है, जिससे Bitcoin अक्सर $75,000 के 'मैक्स पेन' (max pain) प्राइस की ओर बढ़ा है – जहाँ ज्यादातर ऑप्शंस बेकार (worthless) हो जाते हैं। अब जब ये कॉन्ट्रैक्ट्स खत्म हो रहे हैं, तो कीमतों को स्थिर रखने वाले हेजिंग फ्लो (hedging flows) में कमी आने की उम्मीद है, जिससे Bitcoin बाहरी घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है।

भू-राजनीतिक जोखिम और बड़े बाजार पर असर

Iran-US-Israel संघर्ष के कारण वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। तनाव कम होने की खबरें अस्थायी राहत दे रही हैं, लेकिन अंदरूनी तनाव बाजारों को प्रभावित कर रहा है। शेयर बाजार गिर रहे हैं, Nasdaq हाल ही में करेक्शन (correction) जोन में चला गया है। कच्चे तेल की कीमतें 2022 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। सोना, जो आमतौर पर अनिश्चितता में सुरक्षित माना जाता है, उसमें भी उतार-चढ़ाव देखा गया है। Bitcoin ने अन्य रिस्क एसेट्स (risk assets) की तरह व्यवहार किया है, सैन्य तनाव के दौरान गिरता है लेकिन फिर ठीक हो जाता है, जो एक सट्टा संपत्ति (speculative asset) और संभावित बचाव (hedge) दोनों के रूप में इसकी दोहरी भूमिका दिखाता है। Bitcoin ETF फ्लो भी डायनामिक हैं, जिनमें मजबूत इनफ्लो और आउटफ्लो के दौर देखे गए हैं, जो लंबी अवधि के जमावड़े के बजाय संस्थागत की रणनीतिक चालों का संकेत देते हैं। उदाहरण के लिए, मार्च में Bitcoin ETFs में $1.53 अरब का शुद्ध इनफ्लो (net inflow) देखा गया, लेकिन 26 मार्च को इसमें शुद्ध आउटफ्लो (net outflow) हुआ। यह दिखाता है कि संस्थागत पैसा आर्थिक संकेतों के प्रति कितना संवेदनशील है।

$14 अरब के ऑप्शंस एक्सपायरी के जोखिम

$14 अरब के ऑप्शंस की एक साथ एक्सपायरी से प्राइस मैनिपुलेशन (price manipulation) या बढ़ी हुई वोलैटिलिटी की काफी संभावना है। बड़े ऑप्शंस एक्सपायरी के बाद अक्सर कीमतों में तेज हलचल देखी गई है। $75,000 के आसपास का 'मैक्स पेन' लेवल मार्केट मेकर्स को कीमतों को उस ओर धकेलने के लिए प्रेरित कर सकता था ताकि वे आउट-ऑफ-द-मनी कॉन्ट्रैक्ट्स से लाभ उठा सकें। यदि यह स्तर टूटता है या इसे बनाए नहीं रखा जा सकता है, तो यह Bitcoin के अंतर्निहित मूल्य से असंबंधित अत्यधिक मूल्य उतार-चढ़ाव को ट्रिगर कर सकता है। इसके अलावा, डेरिवेटिव्स द्वारा संचालित रैलियां अस्थिर हो सकती हैं, जो लीवरेज्ड पोजीशन पर निर्भर करती हैं जिन्हें जल्दी से अनवाइंड (unwind) किया जा सकता है।

भू-राजनीतिक स्पिलओवर और आर्थिक दबाव

हालांकि वर्तमान भू-राजनीतिक बातचीत में तनाव कम होने के संकेत हैं, किसी भी नए संघर्ष या कूटनीतिक विफलता से तत्काल और गंभीर बाजार प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतें एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई हैं, ब्रेंट क्रूड $107 प्रति बैरल के करीब है। यदि उच्च ऊर्जा लागत बनी रहती है, तो यह महंगाई (inflation) को बढ़ा सकती है, जिससे केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीतियां (monetary policies) अपनाने को मजबूर हो सकते हैं और Bitcoin जैसी रिस्क एसेट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, Bitcoin ETFs आर्थिक बदलावों के प्रति संवेदनशील हैं; किसी भी नकारात्मक आर्थिक खबर या नीति परिवर्तन से तेजी से आउटफ्लो हो सकता है, जिससे नीचे की ओर दबाव बढ़ सकता है। हाल ही में संस्थागत धन का टोकनाइज्ड ट्रेजरी प्रोडक्ट्स (tokenized treasury products) की ओर झुकाव भी अस्थिर डिजिटल संपत्तियों से दूर एक संभावित कदम का सुझाव देता है।

विश्लेषकों की राय और आगे क्या?

विश्लेषकों (Analysts) के Bitcoin के लिए मिले-जुले अनुमान हैं। Bernstein ने साल के अंत तक $150,000 का प्राइस टारगेट तय किया है, उनका मानना ​​है कि मजबूत फंडामेंटल्स और संस्थागत खरीद के कारण बाजार में बॉटम (bottom) बन गया है, और भू-राजनीतिक तनाव के दौरान Bitcoin सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। Goldman Sachs भी परिस्थितियों को रचनात्मक (constructive) देख रहा है, जो बताता है कि Bitcoin बॉटम बन चुका है। हालांकि, अन्य विश्लेषणों का कहना है कि संस्थागत फ्लो रणनीतिक हो सकते हैं और डेरिवेटिव-संचालित वोलैटिलिटी वास्तविक अंतर्निहित फंडामेंटल्स को छिपा सकती है। निकट भविष्य यह दिखाएगा कि क्या बड़े ऑप्शंस एक्सपायरी एक नई मूल्य प्रवृत्ति को ट्रिगर करती है या क्या चल रही भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताएं बाजार की भावना को निर्देशित करना जारी रखती हैं।

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