साल 2026 की शुरुआत में Bitcoin की चाल एक बार फिर निवेशकों के लिए सिरदर्द साबित हुई है। एक तरफ जहां मार्केट में 'एक्सट्रीम फियर' यानी घबराहट का माहौल है, वहीं दूसरी ओर मैक्रो इकोनॉमिक दबावों का असर साफ दिख रहा है। क्रिस्टो फियर एंड ग्रीड इंडेक्स (Crypto Fear and Greed Index) फरवरी 2026 की शुरुआत में ऐतिहासिक निचले स्तर 5-8 पर पहुंच गया है। यह डर, जो अक्सर मार्केट में बड़े बदलावों का संकेत देता है, बिटकॉइन की कीमत में बड़ी गिरावट के साथ आया है। बिटकॉइन अक्टूबर 2025 के $126,000 के शिखर से गिरकर फिलहाल लगभग $67,000 के आसपास कारोबार कर रहा है।
इस गिरावट को कई फैक्टर्स ने बढ़ाया है। अक्टूबर 2025 में भू-राजनीतिक तनावों के कारण हुए $19 अरब के बड़े लिक्विडेशन ने मार्केट की नाजुकता को दिखाया था। इसके बाद, 1 फरवरी 2026 को $2.2 अरब और 5 फरवरी 2026 को $1.4 अरब के लिक्विडेशन इवेंट्स ने क्रिप्टो में हाई लेवरेज के रिस्क को और उजागर किया। इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का इंटरेस्ट भी कम हुआ है, जिसमें यूएस स्पॉट Bitcoin ETFs से 11 फरवरी 2026 को $275.81 मिलियन और 6 फरवरी 2026 को $272 मिलियन का आउटफ्लो देखा गया।
एक बड़ा बदलाव यह भी देखा जा रहा है कि सट्टेबाजी वाला कैपिटल (speculative capital) अब इवेंट-आधारित भविष्यवाणी बाजारों (prediction markets) जैसे Kalshi और Polymarket की ओर बढ़ रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स का ट्रेडिंग वॉल्यूम 2025 में $44 अरब से अधिक हो गया है। इनकी तुरंत नतीजे देने की क्षमता और सोशल इंगेजमेंट ट्रेडर्स को आकर्षित कर रही है, जो क्रिप्टो की लंबी साइकिल की तुलना में कहीं ज़्यादा तेज़ी से रिटर्न और स्पष्ट नतीजे देते हैं।
Bitcoin का हालिया प्रदर्शन व्यापक मैक्रो इकोनॉमिक कंडीशन से जुड़ा हुआ है। लगातार महंगाई की चिंताएं, भू-राजनीतिक अस्थिरता और फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव का असर सभी एसेट क्लास पर दिख रहा है। शुरुआती 2026 के मजबूत नॉन-फार्म पेरोल डेटा ने रेट कट की उम्मीदों को बदल दिया, जिससे Bitcoin जैसे रिस्क एसेट्स पर लिक्विडिटी का असर पड़ा। एनालिस्ट बेंजामिन कोवेन (Benjamin Cowen) का मानना है कि Bitcoin अपने पारंपरिक चार साल के पैटर्न के बजाय पांच साल के लंबे साइकिल पर हो सकता है, जिसका बॉटम अक्टूबर 2026 के आसपास आ सकता है। Standard Chartered जैसे एनालिस्ट भी साल 2026 के अंत तक Bitcoin में $50,000 तक की गिरावट की आशंका जता रहे हैं, हालांकि उनका लॉन्ग-टर्म आउटलुक बुलिश है।
अपनी ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन और बढ़ती इंस्टीट्यूशनल भागीदारी के बावजूद, Bitcoin की कीमत अभी भी सेंटिमेंट, लेवरेज और मैक्रो शिफ्ट्स के प्रति बहुत संवेदनशील है। Bitcoin माइनिंग में मुनाफे की एकाग्रता (concentration) भी एक चुनौती है, खासकर लेगेसी फ्लीट्स के लिए। MicroStrategy जैसी कंपनियां अपनी Bitcoin जमाखोरी (accumulation) जारी रखे हुए हैं, फरवरी 2026 तक 714,000 BTC से ज़्यादा होल्डिंग के साथ, लेकिन उनका स्टॉक मूल्य BTC की कीमतों के प्रति बहुत संवेदनशील है। अमेरिका में रेगुलेटरी अनिश्चितता और क्वांटम कंप्यूटिंग का लॉन्ग-टर्म खतरा भी चिंता का विषय बना हुआ है।
Bitcoin और पूरे क्रिप्टो मार्केट के लिए नज़दीकी भविष्य में और ज़्यादा वोलेटिलिटी (volatility) देखने को मिल सकती है। हालांकि Bitcoin के लॉन्ग-टर्म सर्वाइवल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत दिखता है, लेकिन किसी तय समय-सीमा में तेजी से बढ़ते रिटर्न की उम्मीदें कम होनी चाहिए। इस माहौल में कैपिटल डिसिप्लिन और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना ज़रूरी है। यह समय अनुभवी ट्रेडर्स के लिए मौके ला सकता है, लेकिन आम निवेशक के लिए धैर्य और एक मापा हुआ दृष्टिकोण ही फायदेमंद साबित होगा।
