क्रिप्टो मार्केट में जोश वापस लौट आया है। 28 अक्टूबर को Bitcoin **1.63%** की बढ़त के साथ **$81,093** के स्तर को छू गया। इस उछाल के पीछे गिरते क्रूड ऑयल के दाम और मजबूत अमेरिकी कॉरपोरेट अर्निंग्स का बड़ा हाथ है, लेकिन निवेशकों की नजर अब Fed की अगली बैठक पर टिकी है।
बाजार की तेजी के पीछे के बड़े कारण
Bitcoin में आई इस तेजी को निवेशकों का 'रिस्क-ऑन' मूड माना जा रहा है। दुनिया भर में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट का मतलब है महंगाई का दबाव कम होना, जो आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी जैसे रिस्की एसेट्स के लिए अच्छा संकेत माना जाता है। साथ ही, अमेरिकी कंपनियों के दमदार नतीजों ने बाजार के सेंटीमेंट को और मजबूत किया है, जिससे निवेशक एक बार फिर वोलेटाइल एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।
रिटेल बनाम इंस्टीट्यूशनल निवेश
दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी मुख्य रूप से रिटेल खरीदारी की वजह से है। डेटा बताता है कि स्पॉट Bitcoin ETFs में पैसा उस रफ्तार से नहीं आ रहा है, जैसा उम्मीद की गई थी। वीकेंड के दौरान ETF में इनफ्लो काफी सुस्त रहा। साफ है कि मौजूदा तेजी डेरिवेटिव मार्केट और डायरेक्ट स्पॉट खरीदारी का नतीजा है, न कि बड़ी इंस्टीट्यूशनल संस्थाओं की एंट्री का।
फेडरल रिजर्व का रुख है निर्णायक
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण इवेंट अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अपकमिंग पॉलिसी मीटिंग है। ब्याज दरों पर फेड का स्टैंड तय करेगा कि क्रिप्टो बाजार अपनी इस चाल को बरकरार रख पाएगा या नहीं। यदि दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो रिस्की एसेट्स पर दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
मार्केट एक्सपर्ट्स अभी $79,000 के स्तर को एक मजबूत सपोर्ट जोन के तौर पर देख रहे हैं। फेड की घोषणा होने तक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) बने रहने के आसार हैं। यह रैली टिकेगी या नहीं, यह पूरी तरह से ग्लोबल लिक्विडिटी और नई पूंजी के आने पर निर्भर करेगा।
