Bitcoin Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! $79,000 के पार पहुंचा Bitcoin, जानिए वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bitcoin Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! $79,000 के पार पहुंचा Bitcoin, जानिए वजह
Overview

Bitcoin के निवेशकों के लिए खुशखबरी है! डिजिटल करेंसी Bitcoin एक बार फिर रॉकेट की तरह ऊपर भागा है और **$79,000** का अहम लेवल पार कर गया है। इसका मुख्य कारण बड़े निवेशकों (Institutional Investors) से लगातार आ रहे भारी इनफ्लो (inflows) बताए जा रहे हैं, जिन्होंने बाजार में नई जान फूंक दी है।

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क्यों आया Bitcoin में इतना उछाल?

Bitcoin की कीमतों में आई इस तूफानी तेजी के पीछे पिछले नौ दिनों से लगातार जारी इंस्टीट्यूशनल इनफ्लो (institutional inflows) का हाथ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान क्रिप्टो मार्केट में करीब $2.12 बिलियन का पैसा आया है। यह बड़े निवेशकों का बढ़ता भरोसा दिखाता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो अप्रैल Bitcoin के लिए 2020 के बाद सबसे शानदार महीना साबित हो सकता है।

27 अप्रैल, 2026 तक Bitcoin लगभग $79,003 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले 24 घंटों में 1.61% की बढ़ोतरी है। Bitcoin का मार्केट कैप (Market Cap) $1.58 ट्रिलियन के करीब पहुंच गया, जबकि इसका डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) लगभग $24.7 बिलियन रहा। खासकर ETFs में लगातार आ रहा पैसा Bitcoin की सप्लाई को कम कर रहा है, जिससे कीमतों को मजबूती मिल रही है।

शेयर बाजार से बढ़ी Bitcoin की दोस्ती, Altcoins में मिली-जुली चाल

क्रिप्टो मार्केट में Bitcoin की अगुवाई में धीरे-धीरे रिकवरी दिख रही है, लेकिन एक चिंता की बात यह है कि Bitcoin अब पारंपरिक रिस्की एसेट्स (risky assets) यानी शेयर बाजार की चाल चलने लगा है। अप्रैल 2026 में Bitcoin का कोरिलेशन (correlation) S&P 500 जैसे बड़े स्टॉक इंडेक्स के साथ बढ़कर 0.96 तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि Bitcoin अब फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की पॉलिसी और महंगाई (inflation) जैसे इकोनॉमिक फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित हो रहा है, जो शेयर बाजार को भी हिलाते हैं।

जहां Bitcoin में तेजी देखी जा रही है, वहीं इथेरियम (Ethereum) 3.04% बढ़कर लगभग $2,388.39 पर पहुंच गया, लेकिन सोलाना (Solana) जैसी कुछ दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरंसीज में हल्की गिरावट देखी गई। यह मिली-जुली चाल (mixed performance) इशारा करती है कि निवेशक अभी भी अपना पैसा ज्यादा लिक्विड एसेट्स (liquid assets) में ही लगा रहे हैं, न कि पूरी तरह से क्रिप्टो में।

इकोनॉमिक अनिश्चितताएं, Bitcoin की राह में रोड़ा?

भारी इंस्टीट्यूशनल बाइंग के बावजूद, Bitcoin के लिए कई खतरे अभी भी मंडरा रहे हैं। शेयर बाजार से बढ़ता इसका जुड़ाव मतलब है कि अगर बाजार गिरा, तो Bitcoin भी गिर सकता है। मिडिल ईस्ट और ईरान जैसी जगहों पर बढ़ते तनाव से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है, जो सीधे तौर पर एनर्जी प्राइसेज और निवेशक के रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के कमेंट्स और अमेरिका के महंगाई (inflation) के आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। अगर फेडरल रिजर्व सख्त रुख अपनाता है या महंगाई उम्मीद से ज्यादा निकलती है, तो Bitcoin की कीमतों में शॉर्ट-टर्म गिरावट आ सकती है। फिलहाल, 'Fear & Greed Index' 33 यानी 'Fear' जोन में है, जो बताता है कि मार्केट में अभी पूरी तरह से तेजी का माहौल नहीं है।

टेक्निकल चार्ट्स पर Bitcoin $75,000 से $77,000 के सपोर्ट लेवल के आसपास दिख रहा है। $80,000 के ऊपर एक मजबूत क्लोजिंग ही आगे और तेजी के संकेत देगी। अगर यह लेवल टूटता है, तो कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है।

एनालिस्ट्स की नजर में: कंसोलिडेशन का दौर

ज्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) इस वक्त को एक 'मिड-साइकिल कंसोलिडेशन' (mid-cycle consolidation) का दौर मान रहे हैं। उनका कहना है कि जहां एक ओर इंस्टीट्यूशनल बाइंग (institutional buying) सपोर्ट दे रही है, वहीं इकोनॉमिक अनिश्चितताएं (economic uncertainties) एक ब्रेक लगा रही हैं। ऐसे में, जल्दबाजी में खरीदने के बजाय सपोर्ट लेवल्स पर खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.