Bitcoin Price: $75K पर Bitcoin का सपोर्ट टेस्ट, बढ़ी ब्याज दरों का दबाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bitcoin Price: $75K पर Bitcoin का सपोर्ट टेस्ट, बढ़ी ब्याज दरों का दबाव
Overview

Bitcoin की कीमत **$77,733** के आसपास बनी हुई है, जो हाल ही में **$76,685** तक गिर गई थी। यह गिरावट संभवतः लीवरेज्ड ट्रेडर्स (leveraged traders) के पोजीशन बंद करने के कारण आई है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (Treasury yield) में बढ़ोतरी, महंगाई की चिंताएं और ग्लोबल टेंशन (global tensions) क्रिप्टो पर दबाव बना रहे हैं। एनालिस्ट्स **$75,000-$77,000** की रेंज पर सपोर्ट देख रहे हैं।

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क्या हैं Bitcoin के लिए चिंता की वजहें?

Bitcoin फिलहाल $77,700 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है, हालांकि यह $78,000 के पार जाने में नाकाम रहा और इंट्राडे में $76,685 तक गिर गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह बड़ी गिरावट बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत नहीं है, बल्कि यह लीवरेज्ड पोजीशन (leveraged positions) वाले ट्रेडर्स के स्टॉप-लॉस (stop-loss) हिट होने या पोजीशन बंद होने का नतीजा है। ओपन इंटरेस्ट (open interest) और फंडिंग रेट्स (funding rates) के डेटा से पता चलता है कि ज्यादातर लीवरेज्ड लॉन्ग पोजीशन (leveraged long positions) ही क्लोज हुई हैं।

मैक्रो इकोनॉमी का असर (Macroeconomic Impact)

क्रिप्टोकरेंसी की कीमत काफी हद तक मैक्रो इकोनॉमिक ट्रेंड्स (macroeconomic trends) से प्रभावित हो रही है, खासकर अमेरिकी 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (U.S. 30-year Treasury yield) में हो रही बढ़ोतरी से, जो अब 5% के पार जा चुकी है। उच्च यील्ड (yield) के कारण Bitcoin जैसे नॉन-इंटरेस्ट-बेअरिंग एसेट्स (non-interest-bearing assets) को होल्ड करना कम आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इससे अपॉर्चुनिटी कॉस्ट (opportunity cost) बढ़ जाती है। इसका सीधा असर Bitcoin की कीमत पर दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

बाजार के लिए बड़ी चुनौतियां

एनालिस्ट्स (Analysts) Bitcoin की मौजूदा चुनौतियों के लिए मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स (macroeconomic factors) को मुख्य वजह मान रहे हैं। लगातार बढ़ रही महंगाई (inflation) की आशंकाएं और वैश्विक अनिश्चितता (global uncertainty) लंबी अवधि के ट्रेजरी यील्ड को बढ़ा रही हैं, जिससे स्पेकुलेटिव एसेट्स (speculative assets) के लिए मुश्किल माहौल बन रहा है। इस हफ्ते अमेरिकी 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 19-साल के उच्च स्तर 5.197% पर पहुंचना, जोखिम लेने की धारणा में बड़े बदलाव का संकेत देता है, जिसका असर Bitcoin और स्टॉक मार्केट दोनों पर पड़ रहा है।

ऑल्टकॉइन्स (Altcoins) की कमजोर परफॉर्मेंस

Bitcoin के मुकाबले, ऑल्टकॉइन मार्केट (altcoin market) की सेंटीमेंट (sentiment) कमजोर दिख रही है, और कई डिजिटल करेंसी में भारी गिरावट आई है। यह अंतर बताता है कि फिलहाल Bitcoin को मैक्रो लिक्विडिटी एसेट (macro liquidity asset) के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि ऑल्टकॉइन्स निवेशक की जोखिम लेने की क्षमता (investor risk appetite) के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। ऐतिहासिक रूप से, Bitcoin ने वित्तीय तनाव के समय या फिएट करेंसी (fiat currency) में विश्वास कम होने पर मजबूती दिखाई है। कुछ लोग तो बढ़ती यील्ड के बीच Bitcoin की रैलियों को 'डिजिटल स्टोर ऑफ वैल्यू' (digital store of value) की ओर कदम मान रहे हैं।

आगे क्या?

मौजूदा आर्थिक माहौल, जिसमें बियर-स्टीपेनिंग यील्ड कर्व (bear-steepening yield curve) और उच्च ब्याज दरों की उम्मीदें शामिल हैं, Bitcoin के लिए एक स्ट्रक्चरल चुनौती (structural challenge) पेश कर रहा है। लंबी अवधि की उच्च यील्ड सीधे तौर पर स्पेकुलेटिव एसेट्स (speculative assets) के फ्यूचर अर्निंग्स (future earnings) के प्रेजेंट वैल्यू (present value) को कम करती है। इसके अलावा, बढ़ती अमेरिकी रियल यील्ड (U.S. real yields) ग्लोबल कैपिटल को आकर्षित करती है, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, और आमतौर पर डॉलर की मजबूती का Bitcoin की कीमत पर उल्टा असर पड़ता है।

पिछले 24 घंटों में करीब $200 मिलियन की क्रिप्टो लिक्विडेशन (crypto liquidations) हुई हैं। यह व्यापक बाजार में गिरावट का संकेत नहीं देता, लेकिन यह बढ़ी हुई अस्थिरता (volatility) को उजागर करता है। संस्थागत निवेशकों (institutional investors) द्वारा जोखिम कम करना, जैसा कि Bitcoin ETF से बड़े आउटफ्लो (outflow) से पता चलता है, दबाव को और बढ़ा रहा है।

Bitcoin का अल्पकालिक भविष्य बॉन्ड मार्केट (bond market) के स्थिरीकरण और भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) में कमी पर निर्भर करेगा, जिससे महंगाई की उम्मीदें कम हो सकती हैं। इन बदलावों के बिना, Bitcoin अपनी मौजूदा ट्रेडिंग रेंज $75,000 से $77,000 के बीच ही रहने की संभावना है। हालांकि, 'डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट' (Digital Asset Market CLARITY Act) जैसे रेगुलेटरी डेवलपमेंट (regulatory developments) संस्थानों के लिए कंप्लायंस अनिश्चितता (compliance uncertainty) को कम करके सपोर्ट दे सकते हैं। फिलहाल, बाजार का सेंटिमेंट सतर्क बना हुआ है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.