क्यों आई बिटकॉइन में इतनी बड़ी तेजी?
बिटकॉइन की यह ताबड़तोड़ चाल सिर्फ एक फैक्टर का नतीजा नहीं है, बल्कि कई वजहों का संगम है। भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव और संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की भारी आमद ने मिलकर बिटकॉइन को एक 'रिस्क-ऑन' रैली (Risk-on Rally) में धकेल दिया है।
तनाव और ETF का डबल अटैक
5 मई को जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा और कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई (WTI क्रूड $105 प्रति बैरल के पार और ब्रेंट $119 के करीब पहुंचा), तो आमतौर पर निवेशक सुरक्षित ठिकानों (Safe Havens) की ओर भागते हैं। लेकिन इस बार बिटकॉइन ने सबको चौंका दिया और इन वजहों ने इसे ऊपर की ओर धकेला।
कॉइन की कुल मार्केट वैल्यू अब करीब $1.62 ट्रिलियन है, और ट्रेडिंग वॉल्यूम $42 बिलियन से $56 बिलियन रोज़ाना के बीच है।
इस तेजी में स्पॉट बिटकॉइन ETF का बड़ा हाथ रहा है। लगातार नौ दिनों से इन ETF में नेट इनफ्लो (Net Inflow) जारी है, जो तीन हफ्तों में करीब $2.7 बिलियन तक पहुंच गया है। इससे अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF का कुल नेट एसेट $100 बिलियन के पार निकल गया है। यह लगातार हो रही खरीदारी बाज़ार में सप्लाई को सोख रही है और कीमतों को सहारा दे रही है। इसके अलावा, एक मजबूत शॉर्ट स्क्वीज़ (Short Squeeze) ने भी इस तेजी को हवा दी, जिससे शॉर्ट सेलर्स को अपनी पोजीशन कवर करने के लिए बिटकॉइन खरीदना पड़ा, और दाम तेज़ी से बढ़े।
सोने से भी आगे निकला बिटकॉइन!
चौंकाने वाली बात यह है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बिटकॉइन ने सोने (Gold) जैसे पारंपरिक सेफ हेवन (Safe Haven) को भी पीछे छोड़ दिया है। हाल के हफ्तों में जब संघर्ष तेज हुआ, बिटकॉइन 20% से ज़्यादा उछला, जबकि सोना 13-14% गिर गया। यह ट्रेंड बताता है कि निवेशक इस समय की अस्थिरता में सोने की बजाय डिजिटल एसेट्स को तरजीह दे रहे हैं।
हालांकि, अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज़, जैसे इथेरियम (Ethereum) और सोलाना (Solana), बिटकॉइन जैसी रफ्तार नहीं दिखा पाईं। इथेरियम पिछले 24 घंटे में 1.67% बढ़ा है लेकिन पिछले हफ्ते में 0.14% गिरा है। सोलाना में 24 घंटे में 0.56% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन हफ्ते भर में यह 2.61% नीचे है। इससे साफ है कि फिलहाल बिटकॉइन ही क्रिप्टो मार्केट का लीडर बना हुआ है।
आगे क्या? एनालिस्ट्स की राय
बाज़ार के जानकारों का मानना है कि बिटकॉइन की यह रैली अभी अस्थिर (Volatile) रह सकती है। $80,000 से $82,000 के ऊपर लगातार क्लोजिंग इसके लिए बहुत ज़रूरी है ताकि यह $84,000 से $85,000 तक जा सके। अगर यह रेंज बनी रहती है, तो यह $78,000 से $79,000 के सपोर्ट ज़ोन तक गिर भी सकता है।
डेली आरएसआई (RSI) 54.860 पर है, जो ज़्यादा खरीदारी का संकेत नहीं दे रहा, लेकिन वीकली आरएसआई 78.38 के करीब है, जो ओवरबॉट (Overbought) ज़ोन में जा रहा है। ऐसे में, मुनाफावसूली (Profit Taking) या गिरावट की आशंका बनी हुई है।
कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि अगले कुछ हफ्तों में $58,000 तक की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद 2026 और 2027 तक नए ऑल-टाइम हाई (All-time High) देखने को मिल सकते हैं। मई का महीना ऐतिहासिक रूप से बिटकॉइन के लिए अनुकूल रहा है, पिछले दशक में औसतन 8% का रिटर्न मिला है। हालांकि, वर्तमान आर्थिक स्थिति और भू-राजनीतिक अस्थिरता इसके अल्पकालिक प्रदर्शन पर गहरा असर डालेंगे।
