Bitcoin की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और यह **$80,000** के स्तर से नीचे फिसल गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर की वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ग्लोबल निवेशक रिस्की एसेट से दूरी बना रहे हैं। अमेरिका में बिटकॉइन ETFs से **$772.4 मिलियन** की निकासी दर्ज की गई है, जो फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले संस्थागत निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
बिटकॉइन ने हालिया ट्रेडिंग के दौरान $79,300 का निचला स्तर छुआ है। यह गिरावट वैश्विक स्तर पर बिगड़ते सेंटिमेंट का नतीजा है, जहाँ निवेशक अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI सेक्टर में किया जा रहा भारी निवेश और मौजूदा हाई वैल्यूएशन भविष्य में सस्टेनेबल (sustainable) है।
टेक स्टॉक और मार्केट का कनेक्शन
क्रिप्टो मार्केट पर इसका सीधा असर दिख रहा है क्योंकि कई संस्थागत निवेशक बिटकॉइन को एक हाई-रिस्क एसेट मानते हैं। जब भी टेक स्टॉक्स में बिकवाली का दौर आता है, बिटकॉइन पर भी प्रेशर बढ़ जाता है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा है, जहाँ दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स और जापान के प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
क्या कह रहे हैं डेटा और ETFs?
अमेरिका में लिस्टेड स्पॉट बिटकॉइन ETFs से मिले आंकड़े चिंताजनक हैं। पिछले हफ्ते इन फंड्स में $1 बिलियन से ज्यादा का इनफ्लो (inflow) हुआ था, लेकिन हालिया दो सेशन में $772.4 मिलियन का आउटफ्लो (outflow) देखा गया है। इससे साफ है कि निवेशक अब रिस्क लेने के बजाय अपनी पूंजी सुरक्षित रखना चाहते हैं।
फेडरल रिजर्व पर टिकी नजर
बाजार अब फेडरल रिजर्व की अगली बैठक का इंतजार कर रहा है। ब्याज दरों और आर्थिक नीतियों पर लिए जाने वाले फैसले लिक्विडिटी-सेंसिटिव एसेट्स के लिए दिशा तय करेंगे। आने वाले दिनों में बड़ी टेक कंपनियों के अर्निंग रिजल्ट्स भी मार्केट की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे, क्योंकि निवेशक यह देखना चाहते हैं कि क्या कंपनियां अपनी भारी-भरकम वैल्यूएशन को वित्तीय नतीजों से साबित कर पाएंगी या नहीं।
