Bitcoin की रफ्तार धीमी पड़ गई है। लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ यह **$77,000** के स्तर से नीचे आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती आशंकाएं हैं।
बाजार पर क्यों छाया दबाव?
अमेरिका में अगस्त महीने का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) सालाना आधार पर 5.4% बढ़कर आया है, जो बाजार के अनुमानों से कहीं ज्यादा है। इसके चलते CME FedWatch के आंकड़े बताते हैं कि 15-16 सितंबर की फेड मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 70% से ऊपर पहुंच गई है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो क्रिप्टोकरेंसी जैसे रिस्की एसेट्स से पैसा निकलकर सरकारी बॉन्ड्स जैसे सुरक्षित निवेशों की ओर जाने लगता है।
क्रूड ऑयल और बॉन्ड यील्ड की चुनौती
बाजार पर दोहरा दबाव है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं, जिससे महंगाई के और लंबे समय तक बने रहने का डर पैदा हो गया है। इसके साथ ही, अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब पहुंच गई है। यह निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन गई है, जिससे क्रिप्टो मार्केट में पैसा कम हो रहा है।
ETF से घट रही डिमांड
एक समय जो स्पॉट Bitcoin ETFs बाजार को सहारा दे रहे थे, अब वहां भी स्थिति बदल गई है। लगातार इनफ्लो के बाद, अब इनमें नेट आउटफ्लो (पैसे की निकासी) देखने को मिल रहा है। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का यह रुख बाजार के लिए एक बड़ा झटका है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें $76,000 के सपोर्ट जोन पर टिकी हैं। अगर शेयर इस लेवल से नीचे जाता है, तो लेवरेज्ड ट्रेडर्स की बिकवाली बढ़ सकती है और वोलेटिलिटी और तेज हो सकती है। हालांकि, Crypto Fear and Greed Index अभी भी 55 के न्यूट्रल जोन में है, जिससे यह साफ है कि निवेशक अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।
