Bitcoin Price: जून में वापसी की उम्मीद? टेक्निकल सपोर्ट पर Bitcoin, क्या ₹60,000 का स्तर बचाएगा?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bitcoin Price: जून में वापसी की उम्मीद? टेक्निकल सपोर्ट पर Bitcoin, क्या ₹60,000 का स्तर बचाएगा?
Overview

Bitcoin की कीमतों में आई तेज गिरावट ने महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट को टेस्ट किया है। हालांकि, स्टैंडर्ड चार्टर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, हालिया डी-लेवरेजिंग (Deleveraging) चक्र थम सकता है। लंबे समय से ETF में निवेश करने वाले होल्डर्स और कॉर्पोरेट एक्यूमुलेशन (Corporate Accumulation) की क्षमता इस गिरावट को रोकने में मदद कर सकती है, जिससे Bitcoin के लिए एक मजबूत निचला स्तर (Structural Floor) बन सकता है।

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डी-लेवरेजिंग की चाल (The Deleveraging Mechanics)

पिछले हफ्ते Bitcoin में आई 14% की तेज गिरावट को फंडामेंटल शिफ्ट के बजाय स्पेकुलेटिव (Speculative) यानी सट्टेबाजी वाली पोजीशन को हटाने के तौर पर देखा जा रहा है। लगभग $1.5 बिलियन के फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट (Futures Open Interest) को खत्म करने से बाजार में अचानक बड़ी बिकवाली (Liquidation Cascades) का जोखिम कम हुआ है, जो अक्सर रिटेल निवेशकों की बिकवाली से होता है। पिछले साइकिल्स (Cycles) के विपरीत, जहां लीवरेज (Leverage) का इस्तेमाल ऑफशोर (Offshore) और कम पारदर्शिता वाली जगहों पर होता था, वहीं अब यह रेगुलेटेड एंटिटीज (Regulated Entities) और इंस्टीट्यूशनल कस्टोडियंस (Institutional Custodians) के हाथ में है। इससे अचानक मार्जिन कॉल्स (Margin Calls) का खतरा कम हो गया है।

इंस्टीट्यूशनल एक्यूमुलेशन बनाम ETF से आउटफ्लो (Institutional Accumulation vs. ETF Outflows)

हालांकि खबरें U.S. स्पॉट ETFs से पिछले तीन हफ्तों में $5 बिलियन के नेट आउटफ्लो पर केंद्रित हैं, लेकिन यह आंकड़ा लॉन्च के बाद से कुल $54.2 बिलियन के भारी इनफ्लो के सामने कम है। प्रमुख इश्यूअर्स (Issuers) के पास कुल होल्डिंग्स 674,000 से 682,000 BTC के बीच ही हैं। यह दिखाता है कि जहां शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स (Short-term Traders) बाहर निकल रहे हैं, वहीं लंबे समय के लिए निवेश करने वाले (Long-term Capital) अभी भी बने हुए हैं। MicroStrategy, जिसे इंस्टीट्यूशनल विश्वास का प्रतीक माना जाता है, पर सबकी नजर है। अगर वे 2022 के अंत जैसी बाय-बैक (Buy-back) रणनीति दोहराते हैं, तो यह एक साइकोलॉजिकल कैटलिस्ट (Psychological Catalyst) का काम कर सकता है, जिससे निवेशक मौजूदा डिस्काउंट पर वापस पोजीशन ले सकते हैं।

मंदी के पक्ष में तर्क (The Forensic Bear Case)

टेक्निकल पोजीशनिंग (Technical Positioning) के बावजूद, अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं। 200-हफ्ते का सिंपल मूविंग एवरेज (200-week Simple Moving Average), जो ऐतिहासिक रूप से एक मजबूत सपोर्ट लाइन रहा है, ऐसे समय में टेस्ट हो रहा है जब मैक्रोइकॉनॉमिक कोरिलेशन (Macroeconomic Correlations) बदल रहे हैं। पिछले साइकिल्स के विपरीत, Bitcoin अब रिस्क-ऑन टेक इक्विटीज (Risk-on Tech Equities) के साथ ज्यादा तालमेल बिठा रहा है। अगर Nasdaq या अन्य इक्विटी इंडेक्स (Equity Indices) लिक्विडिटी (Liquidity) की कमी या इंटरेस्ट रेट (Interest Rate) की उम्मीदों में बदलाव के कारण गिरते हैं, तो Bitcoin को इनसे अलग होने की क्षमता नहीं है। इसके अलावा, प्रमुख क्रिप्टो फर्मों (Crypto Firms) के मैनेजमेंट पर कैपिटल एलोकेशन एफिशिएंसी (Capital Allocation Efficiency) को लेकर जांच बढ़ रही है। MicroStrategy द्वारा अपने अपेक्षित बाय-बैक प्लान को पूरा करने में विफलता को बाजार द्वारा अंडरलाइंग डिजिटल एसेट (Underlying Digital Asset) में विश्वास की कमी के रूप में देखा जा सकता है। इससे $60,000 के साइकोलॉजिकल लेवल के टूटने पर बिकवाली की दूसरी लहर आ सकती है।

स्ट्रक्चरल मार्केट का आउटलुक (Structural Market Outlook)

इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का ध्यान Bitcoin की साइक्लिकल रिकवरी (Cyclical Recovery) और व्यापक रेगुलेटरी माहौल (Regulatory Environment) के बीच के अंतर पर है। भले ही फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के अंत तक $100,000 का टारगेट प्राइस (Target Price) बना हुआ है, लेकिन यह ETF की लगातार मांग और सेंट्रल बैंक (Central Bank) द्वारा लिक्विडिटी टाइटनिंग (Liquidity Tightening) से बचने पर निर्भर करता है। निवेशक वर्तमान वैल्यूएशन गैप (Valuation Gaps) के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, साथ ही लंबे समय तक प्राइस के एक दायरे में रहने (Sideways Price Action) के जोखिम का भी। यह स्थिति शॉर्ट-टर्म कैपिटल को ऊंचे यील्ड (Higher-yielding) वाले ट्रेजरी अल्टरनेटिव्स (Treasury Alternatives) की ओर जाने पर मजबूर कर सकती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.