ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिका के फेडरल रिजर्व (Fed) के अगले चेयरमैन के तौर पर केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के नाम की चर्चा ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वॉर्श को टाइट मॉनेटरी पॉलिसी का समर्थक माना जाता है, जिससे मार्केट में लिक्विडिटी कम होने और डॉलर मजबूत होने का डर है। इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट को हवा दी है।
31 जनवरी 2026 को ईरान के बंदर अब्बास और अहवाज में हुए धमाकों (जिन्हें गैस लीक बताया गया) ने अमेरिका-ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। इन घटनाओं ने डिजिटल एसेट्स जैसे क्रिप्टोकरेंसी से निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है।
इसी अनिश्चितता के बीच Bitcoin की कीमत $74,964 के स्तर तक गिर गई। यह 24 घंटे में करीब 5% और हफ्ते भर में 14.55% की बड़ी गिरावट है। इस जोरदार बिकवाली से क्रिप्टो एक्सचेंजों पर $2 बिलियन से ज्यादा की लीवरेज्ड पोजीशन लिक्विडेट हो गईं।
टेक्निकली, Bitcoin $80,000 से $82,000 के रेजिस्टेंस जोन के नीचे बना हुआ है, और तत्काल नीचे जाने पर यह $72,000 से $70,000 तक जा सकता है। Ethereum भी $2,500 के स्तर के नीचे फिसल गया है और $2,000 के सपोर्ट जोन को फिर से टेस्ट करने का जोखिम है। 2 फरवरी 2026 को Ethereum की $1.1 बिलियन से ज्यादा की पोजीशन लिक्विडेट हुईं, जिसने मार्केट में और गिरावट को बढ़ाया।
इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का रुख भी बदला है। जनवरी 2026 में $1.6 बिलियन का नेट आउटफ्लो (पैसे बाहर निकले) अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETF से देखा गया। 29 जनवरी 2026 को अकेले $817.87 मिलियन का आउटफ्लो हुआ, जो इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की बढ़ती सावधानी का संकेत देता है। इस आउटफ्लो का असर पूरे क्रिप्टो मार्केट पर पड़ा। Bitcoin के अलावा Ethereum में भी करीब 10% की गिरावट आई और यह $2,200 के आसपास ट्रेड कर रहा था। XRP, Solana, Dogecoin, Cardano और BNB जैसी अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी इसी अवधि में गिरीं। हालांकि, MYX Finance और Decred जैसे कुछ छोटे ऑल्टकॉइन्स में तेजी देखी गई।
एनालिस्ट्स का मानना है कि जब तक मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी वापस नहीं आती और ETF इनफ्लो फिर से शुरू नहीं होते, तब तक क्रिप्टो मार्केट में गिरावट जारी रह सकती है। डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल के अनुसार, ट्रेडर अभी और कंसोलिडेशन या और गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं। Pi42 के को-फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर ने सलाह दी है कि निवेशकों को शॉर्ट-टर्म मूव्स का पीछा करने से बचना चाहिए और $74,000 से $76,000 के सपोर्ट जोन के पास धीरे-धीरे खरीदारी पर ध्यान देना चाहिए। पोर्टफोलियो बैलेंस को लीवरेज पर प्राथमिकता देनी चाहिए।