Bitcoin का जलवा! Gold-Silver को छोड़ा पीछे, बना नया 'Safe Haven' एसेट, ETF में आया पैसा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bitcoin का जलवा! Gold-Silver को छोड़ा पीछे, बना नया 'Safe Haven' एसेट, ETF में आया पैसा
Overview

Big news for investors! Bitcoin now outshining Gold and Silver as the preferred 'Safe Haven' asset. This major shift is happening because Bitcoin ETFs are seeing massive inflows, while Gold and Silver ETFs are facing significant outflows.

ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेतों और आर्थिक दबावों के बीच, Bitcoin एक नए 'सेफ हेवन' (safe haven) एसेट के तौर पर उभर रहा है, जिसने Gold और Silver को पीछे छोड़ दिया है।

ये बड़ा बदलाव Bitcoin Exchange Traded Funds (ETFs) में ताबड़तोड़ इनफ्लो (inflow) और दूसरी ओर Gold व Silver ETFs से बड़े पैमाने पर आउटफ्लो (outflow) के कारण हो रहा है। JPMorgan की नई रिपोर्ट बताती है कि निवेशक अब ग्लोबल टेंशन और बढ़ती ब्याज दरों जैसे हालात में डिजिटल एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।

बाजार के दिग्गज JPMorgan के विश्लेषण के अनुसार, Bitcoin, जो फिलहाल $70,000 से $72,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है, संस्थागत निवेशकों (institutional investors) को आकर्षित कर रहा है। वहीं, Gold, जो जनवरी में अपने चरम पर था, अब $4,400 प्रति औंस के आसपास आ गया है और पिछले एक महीने में करीब 15% तक गिर चुका है। Silver भी $70-$72 प्रति औंस के स्तर पर है और जनवरी के हाई से काफी नीचे आ गया है।

इन कीमती धातुओं (precious metals) के लिए कम लिक्विडिटी (liquidity) और गिरती निवेशक रुचि एक बड़ी चुनौती बन गई है। बढ़ती ब्याज दरें, मजबूत होता U.S. Dollar और मुनाफावसूली (profit-taking) जैसे फैक्टर्स Gold-Silver की चमक फीकी कर रहे हैं।

यहां तक कि भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions), खासकर मध्य पूर्व में, के दौरान भी Bitcoin ने अपनी मजबूती दिखाई है। डेटा बताता है कि फरवरी के अंत से Bitcoin करीब 12% बढ़ा है, जबकि Gold इसी अवधि में 16% गिरा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि Bitcoin का डिसेंट्रलाइज्ड (decentralized) नेचर, फिक्स्ड सप्लाई और संस्थागत अपनाने (institutional adoption) से बढ़ती मार्केट डेप्थ इसे संकट के समय में एक अलग पहचान दे रही है।

विश्लेषक Eric Balchunas ने इसे 'रोल रिवर्सल' (role reversal) कहा है, जहां Bitcoin को अब Gold की तरह ही ग्लोबल उथल-पुथल के खिलाफ एक हेज (hedge) माना जा रहा है। Gold ETFs में तो जनवरी 2005 के बाद सबसे बड़े मासिक आउटफ्लो देखे गए हैं।

हालांकि, Bitcoin की अपनी चुनौतियां हैं। इसकी वोलेटिलिटी (volatility) बनी हुई है और मार्केट में मंदी (bear market) का खतरा बना हुआ है। अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होते हैं, तो 'फियर प्रीमियम' (fear premium) घट सकता है और निवेशक वापस ट्रेडिशनल एसेट्स की ओर जा सकते हैं।

Gold और Silver के लिए तस्वीर और मुश्किल दिख रही है। बड़े पैमाने पर ETF से निकासी (outflows) गहरे निवेशक एग्जिट का संकेत देती है। घटती लिक्विडिटी और बढ़ती ब्याज दरों का दबाव इनकी राह और कठिन बना सकता है।

JPMorgan का मानना है कि Bitcoin एक 'हाई-बीटा मैक्रो एसेट' (high-beta macro asset) है, जिसका प्रदर्शन लिक्विडिटी और रिस्क सेंटीमेंट पर निर्भर करेगा। वहीं, J.P. Morgan Global Research ने Silver की कीमतों का औसत $81/oz रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन Gold और Silver का तात्कालिक भविष्य अनिश्चित है।

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