अगस्त के महीने में Bitcoin ने शानदार रिकवरी दिखाई है। इंस्टीट्यूशनल ETF इनफ्लो और रेगुलेटरी उम्मीदों के दम पर यह क्रिप्टोकरेंसी पिछले एक महीने में **24%** उछल गई है, लेकिन अब निवेशकों की नजर सितंबर के अहम फैसलों पर टिकी है।
जुलाई के निचले स्तर $57,800 से उबरते हुए Bitcoin अब $78,000 के अहम पड़ाव के पास कारोबार कर रहा है। अगस्त का महीना इस डिजिटल एसेट के लिए काफी बुलिश रहा है, जिसमें 24% की तेजी दर्ज की गई है। इस रैली के पीछे सबसे बड़ा हाथ इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का है, जिन्होंने Spot Bitcoin ETFs के जरिए भारी खरीदारी की है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, एक हफ्ते में ही इसमें $307 मिलियन का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है।
रेगुलेटरी उम्मीदें और मैक्रो फैक्टर
अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा सरकारी बॉन्ड्स के बायबैक प्रोग्राम में बढ़ोतरी से सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा Bitcoin जैसे रिस्क-ऑन एसेट्स को मिल रहा है। इसके अलावा, मार्केट की नजरें CLARITY Act पर टिकी हैं। यह बिल डिजिटल एसेट इंडस्ट्री के लिए एक स्पष्ट फ्रेमवर्क बनाने के उद्देश्य से लाया गया है, जिस पर 15 सितंबर, 2026 को प्रक्रियात्मक वोट होना है।
सितंबर का 'डर' और चुनौतियां
क्रिप्टो मार्केट में सितंबर को अक्सर 'Rektember' कहा जाता है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से यह महीना कमजोर रहता है। फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी चिंता का विषय है। यदि ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है, तो यह मौजूदा तेजी को रोक सकता है। इसके अलावा, चुनावी साल के चलते CLARITY Act के पास होने पर भी संशय बना हुआ है। हालांकि Bitcoin का ऑल-टाइम हाई $126,272 (अक्टूबर 2025) अभी भी काफी दूर है, लेकिन हालिया सेंटिमेंट में आए बदलाव ने निवेशकों में फिर से उम्मीद जगा दी है।
