Bitcoin Price: $60,000 का सपोर्ट टूटा? रिकॉर्ड ETF Outflows और AI स्टॉक्स की ओर पैसा जाने से Bitcoin पर दबाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bitcoin Price: $60,000 का सपोर्ट टूटा? रिकॉर्ड ETF Outflows और AI स्टॉक्स की ओर पैसा जाने से Bitcoin पर दबाव
Overview

Bitcoin की कीमतें $60,000 के लेवल पर कड़ी परीक्षा से गुजर रही हैं। रिकॉर्ड ETF Outflows और फंड्स के AI स्टॉक्स की ओर जाने के कारण Bitcoin में कमजोरी दिख रही है। ऐसे में ट्रेडर्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल साबित हो सकता है।

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क्या है संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का कारण?

Bitcoin इस वक्त 2026 में सबसे मुश्किल लिक्विडिटी (Liquidity) के दौर से गुजर रहा है। हालिया गिरावट संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की बड़ी बिकवाली को दर्शाती है। पिछले 13 दिनों से अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETF से लगातार पैसा निकल रहा है, जो मई के मध्य से अब तक $4.4 बिलियन से ज्यादा हो चुका है। यह वही पैसा है जो पहले Bitcoin के लिए खरीदार का काम कर रहा था, लेकिन अब बिकवाली की ओर मुड़ गया है। यह बिकवाली अस्थायी नहीं लग रही, क्योंकि BlackRock के IBIT जैसे बड़े फंड से भी लगातार पैसा निकाला जा रहा है। इससे साफ है कि बड़े निवेशक AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे ज्यादा ग्रोथ वाले सेक्टर की ओर रुख कर रहे हैं।

$60,000 का साइकोलॉजिकल लेवल

मार्केट पार्टिसिपेंट्स (Market Participants) की नजरें अब $60,000 के लेवल पर टिकी हैं। यह लेवल स्ट्रक्चरल सपोर्ट (Structural Support) और डेरिवेटिव मार्केट (Derivative Market) के लिए एक अहम पॉइंट है। इस स्ट्राइक प्राइस (Strike Price) पर पुट ऑप्शन्स (Put Options) में भारी ओपन इंटरेस्ट (Open Interest) है, जिससे मार्केट में संभावित फीडबैक लूप का डर है। जो मार्केट मेकर्स इन पुट्स के शॉर्ट हैं, उन्हें कीमत गिरने पर स्पॉट या फ्यूचर्स मार्केट में बेचने का दबाव झेलना पड़ सकता है। इस हेजिंग एक्टिविटी (Hedging Activity) से $60,000 का लेवल टूटने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे लीवरेज्ड लॉन्ग पोजिशन्स (Leveraged Long Positions) के ऑटोमेटेड लिक्विडेशन (Automated Liquidations) की आशंका है।

स्ट्रक्चरल कमजोरी: लीवरेज और पूंजी का रोटेशन

कीमतों पर दबाव के अलावा, ओवरऑल मार्केट स्ट्रक्चर (Market Architecture) में भी कमजोरी के संकेत हैं। पिछले साइकल्स (Cycles) के विपरीत, जहां रिटेल निवेशकों का उत्साह एक सहारा था, मौजूदा माहौल में "एक्सट्रीम फियर" (Extreme Fear) का माहौल है। यह बदलाव एसेट परफॉर्मेंस (Asset Performance) में स्पष्ट अंतर के कारण और बढ़ गया है। जहां सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े स्टॉक्स ग्लोबल लिक्विडिटी खींच रहे हैं, वहीं Bitcoin महंगाई के खिलाफ बचाव (Inflation Hedge) के तौर पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। बड़े कॉर्पोरेट खरीदारों द्वारा होल्डिंग्स की दुर्लभ बिकवाली ने निवेशकों का भरोसा और कम किया है, जो पहले उतार-चढ़ाव के दौरान मार्केट को सहारा देने वाले "HODL" नैरेटिव (Narrative) के लिए एक बड़ा झटका है।

आगे का रास्ता?

विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। कुछ टेक्निकल इंडिकेटर्स (Technical Indicators) बताते हैं कि $60,000 का निचला स्तर 200-वीक मूविंग एवरेज (200-week Moving Average) और माइनिंग कॉस्ट (Mining Costs) के साथ मेल खाता है, जो एक संभावित फ्लोर (Floor) दे सकता है। वहीं, कुछ का मानना है कि "कैपिटुलेशन" (Capitulation) इवेंट की कमी इस बात का सबूत है कि बॉटम (Bottom) अभी नहीं बना है। मार्केट मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा (Macroeconomic Data) के प्रति संवेदनशील हो रहा है, इसलिए आगे का रास्ता खरीदारों की $60,000 की सीमा को बचाने की क्षमता पर निर्भर करेगा। अगर यह स्तर नहीं बचा, तो सपोर्ट $55,000 तक जा सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.