Bitcoin में तूफानी तेजी: बॉन्ड खरीद के ऐलान से शॉर्ट सेलर्स फंसे, कीमत पहुंची $69,700 के पार!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bitcoin में तूफानी तेजी: बॉन्ड खरीद के ऐलान से शॉर्ट सेलर्स फंसे, कीमत पहुंची $69,700 के पार!

19 अगस्त 2026 को Bitcoin की कीमत में जोरदार उछाल देखा गया। शॉर्ट सेलर्स के फंसे होने (short squeeze) के कारण यह क्रिप्टो लगभग $69,700 के स्तर तक पहुंच गई। अमेरिकी ट्रेजरी की लंबी अवधि के बॉन्ड वापस खरीदने की योजना और व्हाइट हाउस में क्रिप्टो इंडस्ट्री के नेताओं के साथ बैठक को इस तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है।

Bitcoin में आई 8% की शानदार तेजी

19 अगस्त 2026 को Bitcoin की कीमत में अचानक बड़ी हलचल देखी गई। यह डिजिटल करेंसी लगभग 8% चढ़कर $69,749 के स्तर पर पहुंच गई। इस तेजी से Bitcoin पिछले छह हफ्तों की कंसॉलिडेशन (consolidation) फेज से बाहर निकल आया, जहां यह $61,500 और $65,000 के बीच कारोबार कर रहा था।

शॉर्ट सेलर्स पर गिरी गाज: $1.1 बिलियन से ज्यादा की लिक्विडेशन!

इस जोरदार उछाल ने मार्केट में शॉर्ट सेलर्स (short sellers) को बड़ा झटका दिया। जिन ट्रेडर्स ने Bitcoin की कीमतों में गिरावट पर दांव लगाया था, उन्हें भारी नुकसान से बचने के लिए अपनी पोजीशन जल्दी-जल्दी बेचनी पड़ी। अनुमान है कि बहुत ही कम समय में $1.1 बिलियन से लेकर $1.74 बिलियन तक की शॉर्ट पोजीशन लिक्विडेट (liquidate) हो गईं, जिसने कीमतों को और ऊपर धकेलने में अहम भूमिका निभाई।

अमेरिकी ट्रेजरी का ऐलान और व्हाइट हाउस की बैठक का असर

इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट (U.S. Treasury Department) का एक ऐलान रहा। ट्रेजरी ने यह पुष्टि की है कि वे लंबी अवधि के बॉन्ड (long-dated bond) को वापस खरीदने की अपनी योजना का आकार दोगुना करेंगे। अब यह $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन तक हो सकता है, जो 9 सितंबर 2026 से लागू होगा। इस कदम का मकसद बॉन्ड मार्केट पर दबाव कम करना और लंबी अवधि के उधार लेने की लागत को घटाना है। ऐसे माहौल में, निवेशक आमतौर पर ज्यादा जोखिम वाले एसेट्स (higher-risk assets) जैसे कि डिजिटल करेंसी और क्रिप्टो से जुड़े शेयरों की ओर रुख करते हैं।

इसी के साथ, व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और क्रिप्टो व फाइनेंस के कई बड़े अधिकारियों के बीच हुई बैठक ने भी क्रिप्टो इंडस्ट्री के सेंटिमेंट (sentiment) को बूस्ट दिया। इस बैठक में डिजिटल एसेट्स के मार्केट स्ट्रक्चर (market structure) को लेकर संभावित कानूनी प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। निवेशकों के लिए, यह बातचीत एक सकारात्मक रेगुलेटरी माहौल का संकेत देती है, हालांकि किसी भी ठोस नीतिगत बदलाव के लिए भविष्य में कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता होगी।

आगे क्या? $70,000 के पार क्या टिकेगा Bitcoin?

हालांकि इस रैली से अल्पकालिक सेंटिमेंट में सुधार हुआ है, लेकिन बाजार विश्लेषक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि Bitcoin को अब $70,000 से $75,000 के बीच महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल (resistance levels) का सामना करना पड़ेगा। कीमतों की यह तेजी कितनी कायम रहेगी, यह कई बातों पर निर्भर करेगा। इसमें एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) से लगातार मांग और व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा (macroeconomic data) जैसे कि ब्याज दरों का रुख और बॉन्ड यील्ड (bond yield) की चाल शामिल है। अगर Bitcoin $65,400 से $67,000 के सपोर्ट लेवल (support levels) को बनाए रखने में विफल रहता है, तो कुछ जानकारों का मानना है कि यह वापस अपनी पुरानी ट्रेडिंग रेंज में लौट सकता है।

इस दौरान, Ethereum और अन्य प्रमुख टोकन (tokens) में भी इसी तरह की बढ़त देखी गई। क्रिप्टो से जुड़े शेयरों, जिनमें एक्सचेंज ऑपरेटर और माइनिंग से जुड़ी फर्में शामिल हैं, ने भी Bitcoin के साथ मजबूती दिखाई। बाजार के प्रतिभागी अब इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या यह वॉल्यूम (volume) और प्राइस एक्शन (price action) लंबी अवधि की मजबूत खरीदारी का संकेत है, या फिर यह तेजी मुख्य रूप से अल्पकालिक पोजीशनिंग (tactical short-term positioning) के कारण है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.