14 सितंबर 2026 को Bitcoin की कीमत $77,462 पर स्थिर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पहले महंगाई और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर बिटकॉइन ETF के आउटफ्लो पर भी दिख रहा है।
बाजार की मौजूदा स्थिति
क्रिप्टो मार्केट में इस वक्त सतर्कता का माहौल है। बिटकॉइन फिलहाल $77,462 के स्तर पर बना हुआ है। निवेशकों की निगाहें 15 और 16 सितंबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं। फिलहाल बाजार के सामने महंगाई और एनर्जी सेक्टर की चुनौतियां एक साथ खड़ी हैं।
महंगाई और कच्चे तेल का दबाव
अगस्त में अमेरिका में इन्फ्लेशन 3.4% पर स्थिर रही, जो निवेशकों की उम्मीदों से अधिक है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल $106 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। बढ़ती ऊर्जा कीमतें महंगाई को ऊपर बनाए रख सकती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।
बॉन्ड यील्ड और बिटकॉइन का कनेक्शन
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों का सीधा असर बॉन्ड मार्केट पर पड़ा है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.97% के करीब पहुंच गई है। जब सरकारी बॉन्ड से रिटर्न बेहतर मिलता है, तो बिटकॉइन जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स की डिमांड में कमी आती है, क्योंकि बड़े इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर जोखिम से बचने की कोशिश करते हैं।
ETF में सुस्ती
इंस्टिट्यूशनल निवेशकों के रुख में बदलाव साफ दिख रहा है। 19 अगस्त से 4 सितंबर के बीच जहां बिटकॉइन ETF में $3.34 बिलियन का इनफ्लो देखा गया था, वहीं 8 से 11 सितंबर के बीच $462.7 मिलियन का आउटफ्लो दर्ज किया गया है। यह रुझान बताता है कि बड़े संस्थान अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
आगे की राह
मार्केट में 86% से 90% संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में 25 बेसिस पॉइंट्स की दर बढ़ोतरी कर सकता है। तकनीकी चार्ट पर $78,000 एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अब 16 सितंबर को फेड के आधिकारिक बयान का इंतजार है, जो बाजार की अगली दिशा तय करेगा।
