Bitcoin ₹70,000 के पार, पर इन बड़ी वजहों से चिंता में निवेशक!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bitcoin ₹70,000 के पार, पर इन बड़ी वजहों से चिंता में निवेशक!
Overview

Bitcoin **$70,000** के पार अपनी पकड़ बनाए हुए है, भले ही मार्केट पर कई तरह के दबाव दिख रहे हैं। प्रस्तावित Clarity Act स्टेबलकॉइन यील्ड्स के लिए खतरा पैदा कर रहा है, जिससे Circle (CRCL) के शेयर में भारी गिरावट आई है। वहीं, भूटान का सॉवरेन वेल्थ फंड अपनी Bitcoin बिक्री को तेज कर रहा है।

रेगुलेटरी दबाव और भूटान की बिक्री के बीच Bitcoin की चाल

क्रिप्टो करेंसी सेक्टर एक बड़े रेगुलेटरी दबाव का सामना कर रहा है। इसका एक मुख्य कारण ड्राफ्ट "Clarity for Homegrown Digital Assets Act" (Clarity Act) है, जो 24 मार्च 2026 को सामने आया। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य स्टेबलकॉइन इश्यूअर्स पर सख्त सीमाएं लगाना है। यह स्टेबलकॉइन बैलेंसेस पर पैसिव यील्ड (passive yield) और बैंक इंटरेस्ट जैसी रिवार्ड्स को बैन कर देगा।

इस रेगुलेटरी मूव का सीधा असर Circle Internet (CRCL) पर पड़ा है। 24 मार्च को Circle का स्टॉक लगभग 20% गिर गया था और 25 मार्च 2026 को भी यह लगभग 19.5% नीचे ट्रेड कर रहा था। Clear Street के एनालिस्ट्स का $152 का प्राइस टारगेट है, लेकिन उनका मानना ​​है कि यह सेल-ऑफ (sell-off) शायद ओवररिएक्शन (overreaction) हो सकता है, फिर भी यह एक्ट स्टेबलकॉइन एडॉप्शन मॉडल्स (adoption models) पर सवाल खड़े करता है।

वहीं, दूसरी ओर, भूटान की शाही सरकार (Royal Government of Bhutan) ने अपनी बिटकॉइन होल्डिंग्स (Bitcoin holdings) की लिक्विडेशन (liquidation) को तेज कर दिया है। 25 मार्च 2026 को, भूटान ने लगभग 519.7 BTC ट्रांसफर किए, जिनकी कीमत लगभग $36.7 मिलियन (करीब ₹305 करोड़) थी। ये फर्म्स जैसे QCP कैपिटल (QCP Capital) से जुड़ी वॉलेट्स में भेजे गए। यह उनके रिजर्व का एक हिस्सा है, जो अक्टूबर 2024 में 13,000 BTC से अधिक था और मार्च 2026 तक घटकर लगभग 4,453 BTC रह गया है। हालिया डेटा बताता है कि अब माइनिंग (mining) रोक दी गई है, जो सेलिंग (selling) की ओर एक स्ट्रैटेजिक शिफ्ट (strategic shift) का संकेत है।

इन सब के बावजूद, बिटकॉइन $70,000 के ऊपर अपनी चाल बनाए हुए है। यह तब हुआ है जब अमेरिकी मनी मार्केट रेट्स (money market rates) साल के लिए फेडरल रिजर्व रेट कट्स (Federal Reserve rate cuts) की उम्मीदों को कम कर रहे हैं। पिछले 25 मार्च 2026 को 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट लगभग 4.32% पर थे और 30-वर्षीय ट्रेजरी नोट लगभग 4.92% पर थे। यह माहौल, बढ़ी हुई इन्फ्लेशन (inflation) की चिंताओं और लंबे समय तक उच्च इंटरेस्ट रेट्स (interest rates) की उम्मीद के साथ, आमतौर पर बिटकॉइन जैसी रिस्क एसेट्स (risk assets) के लिए मुश्किल पैदा करता है।

बिटकॉइन का यह लचीलापन, पारंपरिक मैक्रो (macro) सेंटीमेंट से थोड़ी दूरी दिखाता है। यह दर्शाता है कि इन फैक्टर्स के अलावा भी कुछ और है जो मार्केट को चला रहा है, संभवतः निवेशकों का मजबूत कनविक्शन (conviction) या पारंपरिक मार्केट इन्फ्लुएंस (traditional market influences) से अलग होना।

यह सब मिलकर कई महत्वपूर्ण मार्केट जोखिम पैदा करते हैं। Clarity Act स्टेबलकॉइन के लिए एक बड़ा खतरा है क्योंकि यह एडॉप्शन के लिए महत्वपूर्ण यील्ड मैकेनिज्म (yield mechanisms) को टारगेट कर रहा है। वहीं, भूटान की तेज बिक्री ऊपर की ओर बढ़त को कमजोर कर सकती है, खासकर अगर माइनिंग इनफ्लो (mining inflows) बंद हो गए हों। इन सबके साथ बढ़े हुए ट्रेजरी यील्ड्स और देरी से फेड रेट कट्स का प्रतिकूल मैक्रोइकॉनॉमिक बैकड्रॉप (macroeconomic backdrop) को देखते हुए, बिटकॉइन की मौजूदा मजबूती अस्थायी साबित हो सकती है और एक बड़ी गिरावट (significant correction) आ सकती है। अन्य क्रिप्टो करेंसी, जैसे एथेरियम (Ethereum), भी इन दबावों के बीच टेक्निकल करेक्शन (technical correction) के जोखिमों का सामना कर रहे हैं।

आगे चलकर, मार्केट ऑब्जर्वर्स (market observers) Clarity Act की प्रगति और स्टेबलकॉइन इकोसिस्टम (stablecoin ecosystem) पर इसके संभावित प्रभाव पर बारीकी से नजर रखेंगे। भूटान की संपत्ति का निरंतर लिक्विडेशन (asset liquidation) भी सप्लाई को प्रभावित करने वाला एक कारक बना रहेगा। 25 मार्च 2026 को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स (U.S. stock futures) में अल्पकालिक आशावाद (short-term optimism) दिख रहा था, S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स (Nasdaq futures) लगभग 1% ऊपर थे, जो भू-राजनीतिक तनाव कम होने के कारण था। लेकिन लगातार इन्फ्लेशन और उच्च इंटरेस्ट रेट्स, रिस्क एसेट्स पर निरंतर दबाव का संकेत देते हैं। Circle पर एनालिस्ट्स का सेंटीमेंट (analyst sentiment) मिश्रित है, कुछ को रेगुलेटरी चुनौतियों के बावजूद संभावित अपसाइड (potential upside) दिख रहा है। क्रिप्टो मार्केट की सॉवरेन सेलिंग (sovereign selling) को अवशोषित करने और रेगुलेटरी अनिश्चितता से निपटने की क्षमता, इसके भविष्य की दिशा को निर्धारित करने में मुख्य निर्धारक होगी।

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