Bitcoin की कीमत $86,000 के दायरे में बनी हुई है। स्पॉट ETFs में बढ़ते निवेश और अमेरिकी लेबर डेटा से फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी की उम्मीद ने इसे सपोर्ट दिया है, हालांकि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव चिंता का विषय बने हुए हैं।
बाजार की मौजूदा चाल
क्रिप्टो मार्केट में रिकवरी का दौर जारी है और Bitcoin फिलहाल $86,000 से $86,700 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इस एसेट ने लगभग 43% की बढ़त दर्ज की थी। हालांकि, यह अभी भी अक्टूबर 2025 में बने अपने ऑल-टाइम हाई $126,000 के स्तर से काफी नीचे है।
क्यों आ रहा है पैसा?
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का भरोसा है। सितंबर 2026 में स्पॉट बिटकॉइन ETFs में करीब $2.65 बिलियन का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है। साथ ही, अमेरिका के ठंडे पड़ते लेबर मार्केट डेटा ने निवेशकों को राहत दी है कि फेडरल रिजर्व अब ब्याज दरों में बहुत आक्रामक बढ़ोतरी नहीं करेगा। जब दरें स्थिर रहने की उम्मीद होती है, तो बिटकॉइन जैसे 'रिस्क-ऑन' एसेट्स की डिमांड बढ़ जाती है।
बाजार के लिए चुनौतियां
सब कुछ पॉजिटिव नहीं है। दुनिया भर में बढ़ती बॉन्ड यील्ड क्रिप्टो मार्केट के लिए एक बड़ी चुनौती है। जब बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो बिटकॉइन जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स से लिक्विडिटी घटने का खतरा पैदा हो जाता है। इसके अलावा, $100 प्रति बैरल के पार बने कच्चे तेल की कीमतें और अनिश्चित भू-राजनीतिक हालात किसी भी वक्त बाजार का मूड बिगाड़ सकते हैं।
अभी बाजार की नजरें $85,000 से $85,500 के सपोर्ट जोन पर टिकी हैं। अगर यह स्तर टूटता है, तो सेंटीमेंट बदल सकता है। निवेशकों को अब अमेरिका के आने वाले CPI डेटा और फेडरल रिजर्व की अगली बैठक का बेसब्री से इंतजार है।
