Bitcoin ने $83,800 के आसपास अपनी पकड़ बनाए रखी है, हालांकि US Spot Bitcoin ETFs से **$65.4 मिलियन** की निकासी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें आने वाले US CPI डेटा पर टिकी हैं।
बाजार की सुस्ती के पीछे का सच
Bitcoin की कीमतें भले ही $83,800 के स्तर पर खुद को संभालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का रुख फिलहाल सतर्क है। 12 अक्टूबर को US Spot Bitcoin ETFs से $65.4 मिलियन का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया, जिसमें BlackRock का IBIT प्रोडक्ट सबसे आगे रहा। यह साफ संकेत है कि बड़े खिलाड़ी फिलहाल डिजिटल एसेट्स से मुनाफावसूली या अपनी होल्डिंग कम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Treasury Yields का बढ़ता दबाव
क्रिप्टो मार्केट पर दबाव की मुख्य वजह ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में आया बदलाव है। US Treasury Yields में जबरदस्त उछाल आया है, जहां 10-वर्षीय यील्ड 5.3% और 30-वर्षीय यील्ड 5.7% के स्तर पर पहुंच गई है। पिछले दो दशकों में यह स्तर पहली बार देखा गया है। जब सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दरें इतनी आकर्षक होती हैं, तो बड़े निवेशक रिस्की एसेट्स जैसे कि Bitcoin से पैसा निकालकर सुरक्षित डेट इंस्ट्रूमेंट्स में शिफ्ट होने लगते हैं।
CPI डेटा पर सबकी नजर
निवेशकों की नजरें अब 14 अक्टूबर को आने वाले US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा पर टिकी हैं। यह महंगाई का आंकड़ा Federal Reserve के भविष्य के फैसलों के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है। अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक कम नहीं हुए, तो सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकता है, जो क्रिप्टो और इक्विटी मार्केट के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
फिलहाल ट्रेडर्स के लिए $84,000 का स्तर काफी महत्वपूर्ण है। यदि Bitcoin इसके ऊपर निकलता है, तभी मार्केट में नई तेजी का भरोसा जगेगा, वरना तब तक निवेशकों के लिए 'Wait and See' वाली स्थिति बनी रहेगी।
