US से आने वाले जरूरी महंगाई आंकड़ों (PPI और CPI) से पहले Bitcoin में सुस्ती दिख रही है। यह क्रिप्टोकरेंसी अभी **$79,000** के स्तर पर कंसोलिडेट कर रही है, जिसका सीधा असर फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
बाजार का मूड और महंगाई का असर
क्रिप्टो मार्केट की नजरें इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी डेटा पर टिकी हैं। 10 सितंबर को प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और 11 सितंबर को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े 15-16 सितंबर को होने वाली FOMC मीटिंग में फेडरल रिजर्व के फैसलों की दिशा तय करेंगे। ब्याज दरों में बदलाव सीधे तौर पर Bitcoin जैसी रिस्की एसेट्स की कीमतों को प्रभावित करता है।
मैक्रो फैक्टर्स का दबाव
महंगाई के आंकड़ों के अलावा, ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है। US ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी और ब्रेंट क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर खींच रहे हैं। इसके चलते Bitcoin में लिक्विडिटी का दबाव देखा जा रहा है। साथ ही, एनर्जी सप्लाई चेन से जुड़ी भू-राजनीतिक तनाव भी मार्केट की चाल को सुस्त बनाए हुए हैं।
तकनीकी लेवल पर क्या है हाल?
संस्थानों की ओर से स्पॉट Bitcoin ETFs में पैसा आ रहा है, जो प्राइस के लिए एक सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। तकनीकी चार्ट पर $77,500 से $78,000 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर Bitcoin इस लेवल को होल्ड कर लेता है, तो $80,000 के रेजिस्टेंस को पार करना संभव होगा। हालांकि, किसी भी नकारात्मक डेटा पर इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
