क्रिप्टो मार्केट में फिर से हलचल तेज हो गई है। Brent crude की कीमतों में **2%** की गिरावट के बाद Bitcoin का भाव फिर से **$82,000** के पार निकल गया है। हालांकि, रिटेल निवेशकों का जोश एक तरफ है, लेकिन अमेरिकी बिटकॉइन ETFs से लगातार आउटफ्लो ने बड़ी संस्थाओं की सतर्कता को उजागर कर दिया है।
बाजार की चाल और राहत की वजह
सोमवार को Bitcoin ने $82,000 के अहम स्तर को पार कर लिया है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतों में आई 2% की गिरावट है। एनर्जी सेक्टर में नरमी आने से ग्लोबल स्तर पर महंगाई को लेकर डर कम हुआ है, जिसका सीधा फायदा रिस्क-ऑन एसेट्स जैसे क्रिप्टो और टेक शेयरों को मिला है। इसी का नतीजा है कि Bitcoin के साथ-साथ Ether और Solana जैसे प्रमुख एसेट्स में भी उछाल दर्ज की गई है।
संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का रुख
कीमतें तो ऊपर जा रही हैं, लेकिन पर्दे के पीछे की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिकी बिटकॉइन ETFs से $228.6 मिलियन की भारी निकासी हुई है, जबकि उससे पहले के हफ्ते में यह आंकड़ा $681 मिलियन था। यह साफ दर्शाता है कि बड़े संस्थान अभी भी इस रैली को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और वे ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली या अपनी होल्डिंग्स कम करने को तरजीह दे रहे हैं।
आगे की राह क्या है?
फिलहाल, Bitcoin $80,000 से $85,000 की रेंज में कंसोलिडेट कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि क्रूड ऑयल की कीमतें $107 प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं या इनमें और गिरावट आती है, तो क्रिप्टो मार्केट को सहारा मिल सकता है। लेकिन अगर इंस्टिट्यूशनल सेलिंग इसी रफ्तार से जारी रहती है, तो Bitcoin के लिए ऊपरी स्तरों पर टिके रहना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। निवेशकों को अब एनर्जी सेक्टर की खबरों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
