8 अक्टूबर, 2026 को Bitcoin तीन हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है। यूएस स्पॉट ETFs से **$484.9 मिलियन** की बड़ी निकासी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे अब सबकी नजरें **$82,000** के सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
बाजार में मची बिकवाली
8 अक्टूबर, 2026 को बिटकॉइन की कीमतों में भारी दबाव देखा गया, जिससे यह गिरकर $82,200 से $83,000 के दायरे में आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का बाजार से दूर होना है। 7 अक्टूबर को यूएस स्पॉट बिटकॉइन ETFs से कुल $484.9 मिलियन की नेट आउटफ्लो दर्ज की गई। यह जून 2026 के बाद से एक दिन में होने वाली सबसे बड़ी निकासी है, जो बड़े खिलाड़ियों के घटते भरोसे को दर्शाती है।
मैक्रो फैक्टर्स का दबाव
क्रिप्टो मार्केट पर इस समय मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स का गहरा असर है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और 5.3% के आसपास बने हुए 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड्स ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट्स की ओर खींच लिया है। जब सरकारी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो बिटकॉइन जैसे अस्थिर एसेट्स पर सीधा असर पड़ता है। BlackRock, Fidelity और Ark Invest जैसे बड़े फंड्स से हो रही निकासी ने मार्केट सेंटीमेंट को और कमजोर कर दिया है। यही हाल Ethereum का भी है, जहां से $160.9 मिलियन की निकासी देखी गई है।
आगे क्या है तकनीकी संकेत?
टेक्निकल चार्ट्स पर नजर डालें तो $82,000 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। यदि बिटकॉइन इस स्तर को नहीं बचा पाता है, तो अगली बड़ी गिरावट $80,900 तक देखी जा सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए बिटकॉइन को $87,000 से $87,700 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करना होगा। फिलहाल, निवेशकों की नजरें अमेरिका के आगामी इन्फ्लेशन डेटा पर टिकी हैं, जो आगे ब्याज दरों को लेकर दिशा तय करेगा।
