बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव और मजबूत होते डॉलर के बीच Bitcoin में **1.22%** की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट फेडरल रिजर्व की अक्टूबर में संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण है, जिसका असर क्रिप्टो ETF में आने वाले निवेश पर भी दिख रहा है।
बाजार में अनिश्चितता का दौर
क्रिप्टो मार्केट में इस समय सुस्ती का माहौल है। $83,428 के स्तर पर कारोबार कर रहा Bitcoin 1.22% नीचे आया है। हालांकि पिछले एक हफ्ते में इसमें 2.70% की बढ़त देखी गई थी, लेकिन ताजा भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। निवेशक अब अपना पैसा सुरक्षित निवेश, जैसे डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड्स में शिफ्ट कर रहे हैं।
क्यों दबाव में है मार्केट?
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के 101.15 पर मजबूती के साथ पहुंचने से रिस्की एसेट्स पर दबाव बढ़ गया है। जानकारों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की 68% संभावना जताई जा रही है। इसका सीधा असर लिक्विडिटी पर पड़ रहा है और संस्थागत निवेशकों का रुख भी फिलहाल सतर्क है। क्रिप्टो ETF में आने वाले निवेश में कमी आने से अपवर्ड मोमेंटम थम गया है।
महत्वपूर्ण लेवल्स पर नजर
फिलहाल निवेशकों की नजरें Bitcoin के सपोर्ट लेवल $83,300 से $83,500 के रेंज पर टिकी हैं। यदि यह रेंज टूटती है, तो कीमत $81,100 से $81,600 के अगले सपोर्ट तक जा सकती है। वहीं, बुलिश ट्रेंड की वापसी के लिए Bitcoin का $84,000 के रेजिस्टेंस को पार करना जरूरी है। अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले कोर PCE इन्फ्लेशन डेटा और लेबर मार्केट के आंकड़ों पर है, जो भविष्य की दिशा तय करेंगे।
