Bitcoin की कीमतों में गुरुवार को गिरावट देखने को मिली और यह $83,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालांकि इस हफ्ते US-लिस्टेड स्पॉट Bitcoin ETFs में $1.1 बिलियन का निवेश आया है, लेकिन टेक कंपनियों के उतार-चढ़ाव और ग्लोबल तनाव ने मार्केट सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है।
मार्केट की चाल और मौजूदा दबाव
गुरुवार को कारोबार की शुरुआत में Bitcoin की कीमतों में कमजोरी देखी गई और यह $82,700 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जो करीब 2.4% की गिरावट है। इस सुस्ती का असर सिर्फ बिटकॉइन पर ही नहीं, बल्कि पूरी क्रिप्टो मार्केट पर पड़ा है। Ether, Solana और XRP जैसे प्रमुख कॉइन्स में भी 2% से 3.5% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
इंस्टीट्यूशनल डिमांड का क्या हाल?
कीमतों में गिरावट के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा बरकरार है। पिछले दो हफ्तों में $909.6 मिलियन के आउटफ्लो के बाद, इस हफ्ते US-लिस्टेड ETFs में $1.1 बिलियन का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है। हालांकि, यह खरीदारी मार्केट के बड़े मैक्रो फैक्टर्स के दबाव को कम करने में नाकाम रही है। तेल की कीमतों का $110 के पार पहुंचना और टेक कंपनियों के मिले-जुले नतीजों ने निवेशकों को रिस्की एसेट्स से दूर रहने पर मजबूर कर दिया है। बिटकॉइन अब अपने $126,000 के रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ चुका है।
ऑप्शंस मार्केट का क्या संकेत है?
ऑप्शंस मार्केट का डेटा बता रहा है कि आने वाले दिनों में और अधिक वोलेटिलिटी (volatility) देखने को मिल सकती है। ट्रेडर्स ने अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए $78,000 के स्ट्राइक प्राइस पर बड़ी मात्रा में 'पुट ऑप्शंस' खरीदे हैं। अब सबकी नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी और अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि मार्केट किस दिशा में जाएगा।
