क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया के किंग, Bitcoin में हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई से लगभग **49%** की बड़ी गिरावट आई है। इस गिरावट ने निवेशकों के बीच यह बहस छेड़ दी है कि क्या Bitcoin अब एक लंबे बॉटम (Bottom) का संकेत दे रहा है। हालांकि, बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन ETF निवेशकों और ब्रॉडर पार्टिसिपेंट बेस की मौजूदगी इस बार को पिछले साइकिलों से अलग बनाती है। निवेशक अब अगले ट्रेंड का अंदाजा लगाने के लिए ऐतिहासिक सपोर्ट लेवल और मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स पर ध्यान दे रहे हैं।
क्यों आई Bitcoin में इतनी बड़ी गिरावट?
Bitcoin ने अपनी हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई से 49% की भारी गिरावट दर्ज की है, जिससे निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक स्थिरीकरण (Stabilization) के दौर में प्रवेश कर रही है। इस तेज सुधार ने कीमतों को $120,000 से ऊपर के स्तर से गिराकर $50,000 और $67,000 के बीच ला दिया है। क्रिप्टो बाजार में ऐसे गहरे करेक्शन (Correction) अक्सर देखने को मिलते हैं, जहां ऐतिहासिक रूप से करेक्शन 60% से 80% तक गए हैं, जिसके बाद ही एक लंबा बॉटम स्थापित हुआ है।
पिछले साइकिलों से तुलना और मार्केट स्ट्रक्चर
बाजार के जानकारों की नजरें मौजूदा प्राइस एक्शन की तुलना 2021-22 के साइकिल से कर रही हैं, जब Bitcoin ने 2022 के अंत में लगभग $15,500 पर बॉटम बनाया था। एनालिस्ट्स का कहना है कि बॉटमिंग जोन (Bottoming Zones) की पहचान करना जोखिम प्रबंधन (Risk Management) के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये स्तर अक्सर ऐसे क्षेत्र बन जाते हैं जहाँ लॉन्ग-टर्म कैपिटल (Long-term Capital) बाजार में प्रवेश करता है। ZebPay के हेड ऑफ ट्रेड, हरीश जी. वतनानी (Harish G. Vatnani) ने कहा कि मौजूदा स्ट्रक्चरल सेटअप (Structural Setup) पिछले साइकिलों जैसा ही है, जिससे पता चलता है कि ऐसे गहरे करेक्शन ऐतिहासिक रूप से रिकवरी फेज (Recovery Phase) से पहले आते हैं, न कि लॉन्ग-टर्म ट्रेंड के अंत का संकेत देते हैं।
बदलते डायनामिक्स और इंस्टीट्यूशनल इन्फ्लुएंस
पिछले मार्केट साइकल्स के विपरीत, जिनमें रिटेल निवेशकों (Retail Investors) का ज्यादा दबदबा था और वे हाई लीवरेज (High Leverage) का इस्तेमाल करते थे, वर्तमान माहौल में विभिन्न प्रकार के पार्टिसिपेंट्स शामिल हैं। WazirX के फाउंडर निशल शेट्टी (Nischal Shetty) ने बताया कि इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) और स्पॉट Bitcoin एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के प्रवेश ने एक सपोर्ट लेयर (Support Layer) प्रदान की है, जो पिछले सालों में मौजूद नहीं थी। हालांकि यह वोलेटिलिटी (Volatility) को खत्म नहीं करता है, लेकिन ये मैकेनिज्म (Mechanisms) बाजार को अतीत की तुलना में दबाव को बेहतर ढंग से सोखने में मदद कर सकते हैं।
मैक्रोइकॉनॉमिक रिस्क और निवेशक फोकस
संभावित स्थिरीकरण के संकेतों के बावजूद, बाजार व्यापक आर्थिक कारकों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। Bitcoin ने हाल ही में सेंटिमेंट (Sentiment) में सुधार और तेल की कीमतों में गिरावट के बीच $64,000 के स्तर को पार करते हुए रिकवरी के संकेत दिखाए। हालांकि, इनগুলোর पर मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, खासकर जब US 10-year Treasury यील्ड 4.6% की ओर बढ़ रही है। उच्च यील्ड आमतौर पर कैपिटल की लागत (Cost of Capital) को बढ़ाती है, जिससे क्रिप्टोकरेंसी जैसी रिस्क-हेवी एसेट्स (Risk-heavy Assets) पर दबाव पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए, दैनिक मूल्य उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया करने के बजाय, लगातार बने रहने वाले सपोर्ट लेवल्स (Support Levels) की निगरानी पर ध्यान केंद्रित करना जारी है। आने वाले हफ्तों के लिए मुख्य मॉनिटरेबल्स (Monitorables) में ETF इनफ्लो डेटा (ETF Inflow Data), US ट्रेजरी यील्ड ट्रेंड्स (US Treasury Yield Trends), और एसेट का स्थापित रेजिस्टेंस लेवल्स (Resistance Levels) से ऊपर अपनी स्थिति बनाए रखने की क्षमता शामिल है। सस्टेन्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम (Sustained Trading Volumes) और डेरिवेटिव्स मार्केट पोजीशनिंग (Derivatives Market Positioning) में बदलाव से भी यह पता चलेगा कि क्या मौजूदा जोन भविष्य के विकास के लिए आधार का काम करेगा या आगे और कंसॉलिडेशन (Consolidation) की आवश्यकता होगी।
