Bitcoin की कीमतों में आज बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो **1.63%** घटकर **$63,499** पर आ गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका असर क्रिप्टो मार्केट पर दिख रहा है।
तकनीकी स्तर और बाज़ार की धारणा
Bitcoin $65,200 से $65,500 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने में नाकाम रहा, जिससे इसके शॉर्ट-टर्म मोमेंटम पर असर पड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि अब $62,300 से $61,800 का लेवल अगले सपोर्ट जोन के तौर पर देखा जा रहा है। बाजार की भावना, जिसे फियर एंड ग्रीड इंडेक्स से मापा जाता है, गिरकर 32 पर आ गई है, जो निवेशकों के बीच डर का माहौल दर्शाती है।
संस्थागत निवेश का रोल
कीमतों में गिरावट के बावजूद, संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार निवेश हो रहा है। स्पॉट Bitcoin एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में पिछले दो ट्रेडिंग सत्रों में कुल $290 मिलियन का इनफ्लो देखा गया है। यह निवेश इस बात का संकेत है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि की संस्थागत मांग बनी हुई है। इसके अलावा, ऑन-चेन डेटा बताता है कि लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के रियलाइज्ड लॉस में कमी आ रही है, जो बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत हो सकता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती तेल की कीमतों के बीच, निवेशक अब बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी कंपनियों की कमाई पर भी नजर रखेंगे। Bitcoin के लिए $65,900 के करीब चल रहे 50-महीने के मूविंग एवरेज को फिर से हासिल करना एक महत्वपूर्ण तकनीकी संकेत होगा। जब तक Bitcoin $65,000 के ऊपर स्थिर रूप से ट्रेड नहीं करता, तब तक बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक ऊंचे लीवरेज से बचें और लंबी अवधि के पोर्टफोलियो साइजिंग पर ध्यान केंद्रित करें।
