ग्लोबल लेवल पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पर भी दिखने लगा है। खास तौर पर Bitcoin, जो हाल ही में तेजी दिखा रहा था, $1,500 से ज्यादा लुढ़क गया है।
भू-राजनीतिक घटना का तत्काल असर
यह गिरावट तब आई जब अमेरिका और ईरान के बीच एक समुद्री घटना की खबरें सामने आईं। इन खबरों ने मिडिल ईस्ट की स्थिरता पर चिंताएं बढ़ा दीं। शुरुआती दौर में ब्रेंट क्रूड ऑयल 5% चढ़कर $113 प्रति बैरल के पार चला गया था। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा किसी भी जहाज पर हमले से इनकार करने के बाद कच्चे तेल ने कुछ बढ़त गंवा दी। Bitcoin के साथ-साथ Ether, Solana, XRP और Dogecoin जैसी अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी अपने दैनिक हाई से नीचे आ गईं, हालांकि Dogecoin कुछ बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा।
भू-राजनीति बनी क्रिप्टो की नई ड्राइवर
यह घटना साफ करती है कि Bitcoin की कीमत पर भू-राजनीतिक जोखिमों का असर, अब ब्याज दरों जैसे आर्थिक कारकों से भी ज्यादा हावी हो रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास की टेंशन सीधे तौर पर तेल की कीमतों को प्रभावित करती है, जो महंगाई का संकेत दे सकती है। महंगाई बढ़ने से मॉनेटरी पॉलिसी टाइट होने और ग्लोबल लिक्विडिटी कम होने की उम्मीदें बढ़ जाती हैं, जो Bitcoin जैसी रिस्क एसेट्स के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करती हैं।
रेगुलेटरी अनिश्चितता का जारी है असर
इस बीच, सीनेट के 'Clarity Act' कानून, जिसका मकसद स्टेबलकॉइन्स और डिजिटल एसेट्स के नियमों को स्पष्ट करना था, अभी भी राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस बिल का मकसद इंडस्ट्री इनोवेशन और बैंकिंग सेक्टर की चिंताओं के बीच संतुलन बनाना है, लेकिन यह विधायी अनिश्चितता (legislative uncertainty) को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाया है, जिससे संस्थागत निवेशकों (institutional investors) का उत्साह थोड़ा कम हो सकता है।
संस्थागत मांग बनी रहेगी?
इसके बावजूद, Bitcoin का मार्केट कैप अभी भी करीब $1.6 ट्रिलियन पर बना हुआ है, जो Ether ($288.5 बिलियन) और XRP ($87.43 बिलियन) से कहीं ज्यादा है। कुल ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट का वैल्यूएशन लगभग $2.73 ट्रिलियन है। हाल ही में स्पॉट Bitcoin ETF में लगातार इनफ्लो (inflows) जारी रहा है, जो बताता है कि संस्थागत निवेशक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद असेट्स को होल्ड कर रहे हैं, न कि बेच रहे हैं। यह लगातार डिमांड कीमतों के लिए सपोर्ट का काम कर सकती है।
मार्केट की दिशा तनाव कम होने पर निर्भर
क्रिप्टो मार्केट की अगली चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका का जहाज पर हमले से इनकार कितना कारगर साबित होता है और भू-राजनीतिक बयानबाजी शांत होती है या नहीं। 'Crypto Fear and Greed Index' अभी भी 'फियर' या 'एक्सट्रीम फियर' जोन में है, जो निवेशकों की घबराहट को दर्शाता है। Bitcoin का प्रदर्शन, सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों (safe-haven assets) के विपरीत, अस्थिर हो सकता है, जो इसे एक सट्टा रिस्क एसेट के रूप में दिखाता है। आगे का रास्ता वैश्विक तनावों में कमी और नियामकीय संकेतों (regulatory signals) के स्पष्ट होने पर निर्भर करेगा।
