Bitcoin: रेट हाईक के डर और कच्चे तेल की आग से फिसला बिटकॉइन, $79K के नीचे आया भाव

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bitcoin: रेट हाईक के डर और कच्चे तेल की आग से फिसला बिटकॉइन, $79K के नीचे आया भाव

US जॉब्स रिपोर्ट के दमदार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में रेट हाईक की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर Bitcoin की कीमतों पर पड़ा है।

बाजार पर दबाव क्यों?

हालिया पीक $82,000 से गिरने के बाद अब Bitcoin $79,000 के स्तर से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका का मजबूत लेबर मार्केट डेटा है। अगस्त में 1,62,000 नई नौकरियां जुड़ीं और बेरोजगारी दर 4.1% रही। इन आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की 15-16 सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को लगभग 60% तक पहुंचा दिया है।

कच्चे तेल की आग और महंगाई का खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल के दाम (Brent Crude) $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं, जबकि WTI क्रूड $92 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। बढ़ती एनर्जी कॉस्ट महंगाई को और हवा दे रही है, जिससे सेंट्रल बैंकों के लिए दरों को ऊंचा बनाए रखना मजबूरी बन सकता है। ऐसे में डिजिटल एसेट्स के लिए यह माहौल मुश्किल है, क्योंकि बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट का सहारा

हालांकि रिटेल सेंटीमेंट ठंडा है, लेकिन US स्पॉट Bitcoin ETFs में लगातार इनफ्लो (Inflow) जारी है। यह दिखाता है कि बड़े संस्थानों का भरोसा अभी भी कायम है, जो बाजार में गिरते हुए भावों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम कर रहा है।

टेक्निकल लेवल पर नजर

फिलहाल बिटकॉइन $78,500 से $78,700 के नाजुक सपोर्ट ज़ोन पर संघर्ष कर रहा है। अगर यह स्तर नहीं संभला, तो भाव $77,000 की ओर जा सकता है। अब निवेशकों की नजरें सेंट्रल बैंक की कमेंट्री और मिडिल ईस्ट की जियो-पॉलिटिकल स्थिति पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.