24 सितंबर को Bitcoin गिरकर **$83,880** पर आ गया। अमेरिकी 10-वर्षीय Treasury Yields के **2007** के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से जोखिम भरे एसेट्स में बिकवाली देखी गई, जबकि इसके विपरीत संस्थागत निवेशकों ने स्पॉट Bitcoin ETF में **$1 बिलियन** का निवेश किया है।
बाजार पर क्यों छाया दबाव?
अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बदलते आंकड़ों का असर ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स पर साफ दिख रहा है। 10-वर्षीय US Treasury Yields के 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने से निवेशकों का रुझान सरकारी बॉन्ड्स की ओर बढ़ा है। इसका सीधा असर रिस्की एसेट्स पर पड़ रहा है, जिससे Nasdaq, S&P 500 और Dow Jones जैसे प्रमुख इंडेक्स में भी सुस्ती देखी गई। वर्तमान में मार्केट में अक्टूबर में US इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना 70% मानी जा रही है।
रिटेल बनाम संस्थागत निवेशक
इस गिरावट के दौरान बाजार में दो तरह की प्रतिक्रियाएं दिखीं। जहां घबराहट में रिटेल ट्रेडर्स की $280 मिलियन की लॉन्ग पोजीशन महज 4 घंटे में लिक्विडेट हो गईं, वहीं संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने मौके का फायदा उठाया। स्पॉट Bitcoin ETF में $1 बिलियन का नेट इनफ्लो यह बताता है कि बड़े निवेशक इस गिरावट को 'बायिंग अपॉर्चुनिटी' के तौर पर देख रहे हैं।
आगे की राह
Crypto Fear and Greed Index अभी 73 पर है, जो बाजार में 'लालच' का संकेत देता है। आने वाले समय में US इंटरेस्ट रेट से जुड़े बयानों और संस्थागत खरीदारी के पैटर्न पर नजर रखना जरूरी होगा। तकनीकी चार्ट्स पर $83,500 से $84,000 का लेवल फिलहाल अहम सपोर्ट जोन के रूप में काम कर रहा है, जहां से मार्केट में स्टेबिलिटी की उम्मीद की जा रही है।
