Bitcoin में तेज रैली के बाद अब मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया है। $87,381 के स्तर से फिसले Bitcoin के पीछे का मुख्य कारण **$1 बिलियन** से ज्यादा की लिक्विडेशन है, जबकि निवेशक अब AI स्टॉक्स और क्रिप्टो के बीच पूंजी के बंटवारे पर विचार कर रहे हैं।
बाजार में मची हलचल
क्रिप्टो मार्केट में इस समय काफी उठा-पटक देखने को मिल रही है। हालिया तेजी के बाद Bitcoin अब थोड़े ठंडे पड़ते दिख रहे हैं। डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर $1 बिलियन से ज्यादा की ट्रेड लिक्विडेशन हुई है। जब किसी ट्रेडर के पास मार्जिन कम होता है और एक्सचेंज उसकी पोजीशन ऑटोमैटिकली बंद कर देता है, तो इसे लिक्विडेशन कहते हैं, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आता है।
सपोर्ट लेवल पर नजर
तेजी के दौरान जो ट्रेडर्स Bitcoin के गिरने पर दांव (Short selling) लगा रहे थे, उन्हें अपनी पोजीशन कवर करने के लिए खरीदारी करनी पड़ी, जिससे दाम और ऊपर गए। लेकिन अब यह चक्र उल्टा हो गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि $84,000 का लेवल फिलहाल एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। यह देखना अहम होगा कि क्या Bitcoin इस स्तर को बचा पाता है या गिरावट और गहरी होगी।
क्यों कम हो रही है चमक?
इस वक्त निवेशकों का रुझान डिजिटल एसेट्स के बजाय AI सेक्टर के स्टॉक्स की ओर ज्यादा है। इसके अलावा, अमेरिका में US Treasury Yields का बढ़ना और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अस्थिरता ने जोखिम वाले एसेट्स के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। हालांकि स्पॉट ETF के जरिए संस्थागत निवेश (Institutional Investment) का सपोर्ट बना हुआ है, लेकिन रिटेल निवेशकों की सुस्ती के चलते बाजार और भी संवेदनशील हो गया है।
आगे का रास्ता
Deribit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ऑप्शंस डेटा में अभी भी 'कॉल कॉन्ट्रैक्ट्स' की मांग बनी हुई है, जो थोड़ी सकारात्मकता दिखाती है। हालांकि, SEC के हालिया रेगुलटरी कदमों के बावजूद माहौल नाजुक है। निवेशकों की नजर अब मैक्रो इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और $84,000 के अहम सपोर्ट लेवल पर टिकी है।
