Bitcoin ₹70,000 पार: बॉन्ड बायबैक और पॉलिसी से क्रिप्टो में लौटी तेजी, आई 'ग्रीड'

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bitcoin ₹70,000 पार: बॉन्ड बायबैक और पॉलिसी से क्रिप्टो में लौटी तेजी, आई 'ग्रीड'

बिटकॉइन ने आज ₹70,000 का स्तर पार कर लिया है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की बायबैक में बढ़ोतरी और क्रिप्टो रेगुलेशन से जुड़ी उम्मीदों ने बिटकॉइन की कीमतों को सहारा दिया है। शॉर्ट लिक्विडेशन और 'ग्रीड' सेंटिमेंट ने भी तेजी को हवा दी है, लेकिन रेगुलेटरी अनिश्चितता और हाई लिवरेज अभी भी जोखिम पैदा कर सकते हैं।

कैसे बिटकॉइन ने ₹70,000 का आंकड़ा पार किया?

बिटकॉइन की कीमत आज $71,800 के ऊपर कारोबार कर रही है, जिसने $70,000 के महत्वपूर्ण स्तर को फिर से हासिल कर लिया है। यह उछाल बाजार में आई स्थिरता के बाद एक बड़ा बदलाव है। इस तेजी के पीछे अमेरिकी आर्थिक नीतियों में बदलाव और डिजिटल एसेट्स के लिए बढ़ते राजनीतिक समर्थन का बड़ा हाथ है।

ट्रेजरी की पॉलिसी और मार्केट लिक्विडिटी का असर

इस कीमत वृद्धि का एक मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी का अपने बॉन्ड बायबैक ऑपरेशन्स को एडजस्ट करने का फैसला है। ट्रेजरी ने घोषणा की है कि वे $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन की दर से अपने लॉन्ग-टर्म बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम को बढ़ाएंगे, जो 9 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगा। इस कदम का उद्देश्य मार्केट लिक्विडिटी को बेहतर बनाना और ट्रेजरी यील्ड्स को कम करना है। जब बॉन्ड यील्ड्स गिरते हैं, तो निवेशक अक्सर क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिम भरी एसेट क्लास में पैसा लगाते हैं, जिससे यह पॉलिसी शिफ्ट मौजूदा खरीद गतिविधि का एक महत्वपूर्ण चालक बन गया है।

राजनीतिक माहौल और 'CLARITY Act'

वॉशिंगटन से हालिया डेवलपमेंट ने निवेशकों के भरोसे को और बढ़ाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में व्हाइट हाउस में क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव्स के साथ मुलाकात की और प्रस्तावित 'CLARITY Act' पर चर्चा की। यह कानून अमेरिका में डिजिटल एसेट्स के लिए एक स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने का लक्ष्य रखता है। भले ही यह बिल अभी प्रस्ताव के चरण में है और कानून नहीं बना है, लेकिन इस चर्चा ने निवेशक सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया है। बाजार रेगुलेटरी निश्चितता के संकेतों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं, क्योंकि यह संस्थागत निवेश के जोखिम को कम करता है।

शॉर्ट लिक्विडेशन और सेंटिमेंट की भूमिका

कीमतों में यह तेज उछाल खास तौर पर 'शॉर्ट स्क्वीज़' के कारण बढ़ा। जिन ट्रेडर्स ने बिटकॉइन की कीमत गिरने पर दांव लगाया था, उन्हें कीमतें बढ़ने पर अपनी पोजीशन को कवर करने के लिए बिटकॉइन खरीदना पड़ा। डेटा के अनुसार, इससे क्रिप्टो मार्केट में $1.3 बिलियन से $2.7 बिलियन तक का लिक्विडेशन हुआ। इस जबरन खरीद ने कम समय में कीमतों को और ऊपर धकेलने वाला एक चक्र बनाया।

इस प्राइस एक्शन के साथ, क्रिप्टो फियर एंड ग्रीड इंडेक्स 46 के न्यूट्रल 'फियर' रीडिंग से 62 के 'ग्रीड' पर पहुँच गया है। यह निवेशकों के मूड में सावधानी से आशावाद की ओर एक तेज बदलाव का संकेत देता है।

निवेशकों के लिए प्रमुख जोखिम

हालांकि वर्तमान गति मजबूत है, इस स्थिति में महत्वपूर्ण जोखिम शामिल हैं। यह रैली आंशिक रूप से शॉर्ट स्क्वीज़ पर आधारित है, जो खरीद की गति धीमी होने पर अत्यधिक अस्थिरता और तेज गिरावट का कारण बन सकती है। इसके अलावा, व्हाइट हाउस की बैठक एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन 'CLARITY Act' अभी तक कानून नहीं है। बिल में किसी भी देरी या महत्वपूर्ण बदलाव से निवेशक का भरोसा प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, बिटकॉइन व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। यदि महंगाई या ब्याज दरों की उम्मीदें अप्रत्याशित रूप से बदलती हैं, तो ट्रेजरी की बॉन्ड नीतियां समान स्तर का समर्थन प्रदान नहीं कर सकती हैं, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव पड़ सकता है।

निवेशक संभवतः सितंबर में बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम की वास्तविक शुरुआत और 'CLARITY Act' से संबंधित किसी भी ठोस विधायी कदम पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इन दो क्षेत्रों की निगरानी से यह स्पष्ट तस्वीर मिलेगी कि क्या यह मूल्य स्तर बना रह सकता है या बाजार में अस्थिरता वापस आ सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.