Bitcoin फिलहाल **$79,777** के स्तर पर कारोबार कर रहा है और **$80,000** के ऊपर टिकने के लिए संघर्ष कर रहा है। अमेरिकी स्पॉट ETFs में संस्थागत निवेशकों की जबरदस्त मांग है, लेकिन हालिया इकोनॉमिक डेटा के बाद Fed द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के डर से निवेशक सतर्क हैं।
संस्थागत निवेशकों का भरोसा बरकरार
Bitcoin के लिए राहत की बात यह है कि संस्थागत निवेशक लगातार पैसा लगा रहे हैं। अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETFs में 5 सितंबर, 2026 तक के तीन हफ्तों में करीब $3.8 बिलियन का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है। यह डेटा साफ दिखाता है कि बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस लंबी अवधि के लिए बिटकॉइन को जमा कर रहे हैं, जो गिरावट के बीच भी मार्केट को सपोर्ट दे रहा है।
मैक्रोइकोनॉमिक दबाव और चिंता
संस्थागत खरीदारी के बावजूद बाजार में दबाव है। अगस्त में अमेरिका में 1,62,000 नई नौकरियां पैदा हुईं, जो उम्मीद से काफी बेहतर रही। इस रिपोर्ट के बाद अब बाजार इस बात की आशंका जता रहा है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी Federal Reserve ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक रिस्की एसेट्स यानी क्रिप्टो से पैसा निकालकर बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर जा सकते हैं। साथ ही, बढ़ते तेल के दाम और जियो-पॉलिटिकल तनाव ने भी ट्रेडर्स को 'वेट एंड वॉच' मोड में डाल दिया है।
चार्ट पर ये लेवल्स हैं जरूरी
टेक्निकल एक्सपर्ट्स की नजर खास प्राइस जोन्स पर है। ऊपर की तरफ $81,200 से $82,300 के बीच तगड़ा रेजिस्टेंस है। यदि Bitcoin इसे पार करता है और वॉल्यूम के साथ $85,000 के स्तर को तोड़ता है, तो नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, गिरावट आने पर $77,500 से $78,800 का सपोर्ट जोन अहम है।
अगले कुछ दिन मार्केट के लिए बेहद अहम होने वाले हैं। 10 सितंबर को प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और 11 सितंबर को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा आने वाला है। इसके बाद सभी की नजरें 15-16 सितंबर को होने वाली FOMC पॉलिसी मीटिंग पर टिकी होंगी, जो मार्केट की अगली दिशा तय करेगी।
